Budaun News: पोस्टमार्टम से पहले परिवार वालों के सामने खोली जाएगी शवों की सील

मृतक के शव को देखकर पोस्टमार्टम हाउस से बाहर निकलते परिवार वाले। संवाद
बदायूं। महिला के शव से आंखें गायब होने के बाद जिले में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब पोस्टमार्टम से पहले शवों की सील परिजनों और पुलिसकर्मी की मौजूदगी में खोली जाएगी। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम के बाद परिजनों से संतुष्टि और स्वीकृति का पत्र भी साइन कराया जाएगा।
पोस्टमार्टम हाउस पर जब से महिला के शव से आंखें गायब होने का मामला सामने आया है, तब से पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी डरे हुए हैं। उन्होंने पोस्टमार्टम से पहले मोबाइल पर शव खोलने का वीडियो बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में दो दिन पहले तो एक डॉक्टर ने बिना वीडियोग्राफी के शव का पोस्टमार्टम करने से ही इन्कार कर दिया था। तब शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए दो परिवारों को 7000 रुपये खर्च करने पड़े थे। वीडियोग्राफर आने के बाद ही डॉक्टर ने शव का पोस्टमार्टम किया था। मामले की जानकारी पाकर सोमवार को प्रभारी सीएमओ डॉ.अब्दुल सलाम पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे और व्यवस्थाओं को देखा था।
इसी क्रम में अब प्रभारी सीएमओ ने निर्देश दिए हैं कि किस शव के पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाए, इसका निर्णय संबंधित पुलिस लेगी लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अपनी और परिवार वालों की संतुष्टि के लिए पहले अपने मोबाइल से वीडियो बना सकते हैं। इसके अलावा शव की सील खोलने से पहले और पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों और संबंधित पुलिस को बुलाया जाएगा। उन्हें पोस्टमार्टम से पहले और बाद की स्थिति दिखाई जाएगी। इस दौरान परिवार वालों को मौखिक या लिखित में संतुष्टि प्रमाण पत्र देना होगा।
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अब 12-12 घंटे ड्यूटी करेंगे फार्मासिस्ट व कर्मचारी
पोस्टमार्टम हाउस के फार्मासिस्टों और कर्मचारियों ने अपने हिसाब से ड्यूटी करने का रोस्टर बना रखा था। वह एक दिन छोड़कर एक दिन ड्यूटी कर रहे थे। इससे एक महीने में केवल 15 दिन ड्यूटी करते थे। अब प्रभारी सीएमओ ने उन्हें 12-12 घंटे के हिसाब से ड्यूटी करने का आदेश दिया है। पोस्टमार्टम हाउस का एक फार्मासिस्ट 12 घंटे ड्यूटी करेगा। उसके बाद दूसरे फार्मासिस्ट की ड्यूटी रहेगी, जिससे पोस्टमार्टम हाउस खाली नहीं रहेगा।
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डॉक्टरों की जमानत पर आज होगी सुनवाई
महिला के शव से आंखें गायब होने के मामले में जेल भेजे गए डॉॅ. मोहम्मद उवैस और डॉ. मोहम्मद आरिफ हुसैन की जमानत पर मंगलवार को ईसी कोर्ट विशेष न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान सिविल लाइंस पुलिस ने केस डायरी जमा करने के लिए एक दिन का समय मांगा। इससे न्यायालय ने बुधवार की तारीख लगा दी है। केस डायरी आने के बाद बुधवार को दोनों डॉक्टरों की जमानत अर्जी के संबंध में सुनवाई होगी। संवाद
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जब से पोस्टमार्टम हाउस पर महिला के शव से आंखें गायब होने का मामला सामने आया है। तब से कई डॉक्टर वीडियोग्राफी कराने की मांग कर चुके हैं। कौन से शव के पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी, यह संबंधित पुलिस तय करेगी लेकिन शव की सील खोलने से पहले पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद डॉक्टर परिवार वालों को शव दिखाएंगे। फिर उनसे संतुष्टि प्रमाण पत्र लेंगे। – डॉ. अब्दुल सलाम, प्रभारी सीएमओ



