Budaun News: पंचायत के फैसले के बाद देवर-भाभी ने गांव छोड़ा
कुंवरगांव (बदायूं)। रिश्ते के देवर के साथ रहने की जिद कर रही महिला की बात आखिरकार माननी पड़ी। पंचायत ने दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद फैसला सुनाया है कि महिला और उसका प्रेमी गांव में नहीं रहेगा, जबकि उसके पांचों बच्चे पिता के पास ही रहेंगे। पंचायत में कहा गया कि भविष्य में दोनों पक्ष किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा। दोनों पक्षों ने लिखित में समझौता पुलिस को भी सौंप दिया है।
एक गांव में पांच बच्चों की मां का रिश्ते के देवर के साथ प्रेम प्रसंग है। दो दिन पहले महिला ने खुद ही पुलिस के समक्ष पहुंच कर यह कह दिया था कि वह अब पति के साथ नहीं, बल्कि जीवन पर्यंत प्रेमी देवर के साथ ही रहेगी। पुलिस के समझाने के बाद भी महिला जिद पर अड़ी रही। पुलिस ने साथ आए लोगों से कहा कि पंचायत कर मामले को निपटाएं। मामला अधिक तूल न पकड़े, इसलिए गांव वालों ने प्रधान की अगुवाई में पंचायत बुलाई।
पंचायत में महिला, उसका प्रेमी और पति समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। पंचायत ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और महिला की जिद के बाद अपना निर्णय सुनाया कि यदि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है ताे गांव छोड़ना हाेगा। महिला ने इस बात को स्वीकार किया और कहा कि वह प्रेमी के लिए गांव छोड़ने को तैयार है। पंचायत ने यह भी तय किया कि पांचों बच्चे पिता के साथ रहेंगे, इस पर भी महिला ने रजामंदी दे दी। पंचायत ने कहा कि दोनों पक्ष भविष्य में किसी के साथ किसी भी तरह की घटना होती है, उसके लिए संबंधित पक्ष स्वयं जिम्मेदार होगा। पंचायत में बकायदा प्रधान के हस्ताक्षर युक्त इस फैसले की कॉपी थाना पुलिस को भी दे दी है।
ममता पर भारी पड़ी मोहब्बत
मां की ममता का कोई मोल नहीं होता, मां अपने बच्चों को रोता हुआ नहीं देख सकती। लेकिन इस मां ने अपने बच्चों की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। बच्चे मां को रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह रिश्ते के देवर के साथ गांव छोड़कर चली गई। महिला की 18 साल पहले शादी हुई थी।