Budaun News: … तो क्या पुलिस को गुमराह करने और भाकियू को भड़काने के लिए लगाया गया बिल्ला
बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव अतरपुरा और करखेड़ी के बीच आलू के खेत में पड़े मिले युवक के शव की दूसरे दिन भी पहचान नहीं हो पाई। अब तब भाकियू का बिल्ला देखकर मृतक के संगठन का कार्यकर्ता के होने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन भाकियू के मंडल प्रभारी दिनेश यादव ने इस अनुमान को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि युवक की जर्सी पर भाकियू का बिल्ला कार्यकर्ताओं को भड़काने और पुलिस को गुमराह करने के लिए लगाया गया लगता है।
मंगलवार को बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव अतरपुरा और करखेड़ी के बीच आलू के खेत में एक युवक का शव पड़ा मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी। उसके शरीर पर जिस तरह मिट्टी लगी थी और खेत की मेड़ व क्यारी बिगड़ी थीं, उससे अनुमान लगाया जा रहा था कि युवक की हत्यारों से पहले खूब गुत्थमगुत्था हुई थी। बाद में उन्होंने युवक को गोली मार दी। उसकी जर्सी पर भाकियू का बिल्ला लगा था।
चूंकि बिसौली कस्बे में मंगलवार दोपहर भाकियू की महापंचायत थी। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आए थे। पुलिस का अनुमान था कि युवक भाकियू का कार्यकर्ता रहा होगा और महापंचायत में शामिल होने आया होगा। शाम तक युवक को कस्बे में कहीं रोका गया होगा। इसके बाद अतरपुरा और करखेड़ी के बीच ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसे लेकर पुलिस ने तमाम भाकियू कार्यकर्ताओं से भी संपर्क किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
पुलिस ने टिकैत गुट के मंडल प्रभारी दिनेश यादव से भी संपर्क किया। उन्होंने युवक के शव का फोटो लेकर आसपास जिलों के तमाम कार्यकर्ताओं को व्हाट्सएप पर भेजा, लेकिन किसी ने युवक की पहचान नहीं की। उन्होंने युवक के भाकियू कार्यकर्ता होने से ही इन्कार कर दिया। कहा, अगर वह भाकियू कार्यकर्ता होता तो अब तक उसकी पहचान सामने आ गई होती। अनुमान है कि उसकी जर्सी पर भाकियू का बिल्ला कार्यकर्ताओं को भड़काने और पुलिस को गुमराह करने के लिए लगाया है।
72 घंटे बाद कराया जाएगा पोस्टमार्टम
युवक का शव पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखा है। 72 घंटे बाद उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद कई और नई चीजें सामने आएंगीं। इंस्पेक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि युवक की पहचान के लिए आसपास जिलों के थानों से भी संपर्क किया गया है। कई जिलों की पुलिस को उसका फोटो भी भेजा गया है।