बदायूं

Budaun News: दसलक्षण पर्व का नौवां दिन अकिंचन धर्म के रूप मनाया

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The ninth day of Dasalakshana festival was celebrated as Akinchan Dharma.

बिल्सी के जैन मंदिर में प्रवचन देते जितेंद्र प्रकाश आत्मन। संवाद

बिल्सी। मोहल्ला दो स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दसलक्षण पर्व का नौवां दिन बुधवार को उत्तम अकिंचन धर्म के रूप में मनाया गया। जैन समाज के पंडित जितेंद्र प्रकाश आत्मन ने कहा कि आत्मा के अपने गुणों के सिवाय जगत में अपनी कोई भी वस्तु नहीं है। इस दृष्टि से आत्मा अकिंचन है।

मीडिया प्रभारी प्रशांत जैन ने कहा कि उत्तम अकिंचन यानी धर्म आत्म केंद्रित करने को कहा गया है। आकिंचन्य धर्म आत्मा की उस दशा का नाम है, जहां पर बाहरी सब छूट जाता है, किंतु आंतरिक संकल्प विकल्पों की परिणति को भी विश्राम मिल जाता है। इस अवसर पर यहां कलश घुमाओ प्रतियोगिता वीरांगना मंडल की ओर से कराई गई। इसमें गुनगुन जैन और निशा जैन अव्वल रही। मृगांक कुमार जैन, प्रीत जैन, दीपक जैन, अनूप जैन, वितेंद्र जैन, सुनील जैन, विनोद जैन, अनिल जैन, रीता जैन, रेखा जैन आदि मौजूद रहे। इधर, मोहल्ला संख्या आठ स्थित पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भी पर्यूषण पर्व पर कई कार्यक्रम हुए। संवाद


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