Budaun News: तीन सदस्यीय टीम करेगी फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले की जांच
एक-दूसरे पर मामला डालकर बचने की कोशिश
संवाद न्यूज एजेंसी
आसफपुर। कस्बा स्थित समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में तीन दिन बाद भी न तो जांच शुरू हुई और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई की। हालांकि सीएमओ के निर्देश पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम जरूर बना दी गई है। इधर, दोषी एक-दूसरे पर मामला डालकर खुद बचने की कोशिश कर रहे हैं।
शनिवार को सीएचसी से एक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का मामला सामने आया था। बच्चे के पैदा हुए बगैर ही उसका प्रमाणपत्र यहां से जारी कर दिया गया था। इसमें सीएचसी का स्टाफ ही शामिल बताया गया था। लोगों का कहना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फर्जीवाड़ा किया गया।
एमओआईसी डॉ. पंकज शर्मा को जब मामले की जानकारी लगी तो उन्होंने जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर केशव उपाध्याय तथा प्रसव प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करने वाली स्टाफ नर्स ज्योति जेम्स से पूछताछ की। दोनों ने ही इस बात से साफ इन्कार कर दिया कि प्रमाणपत्र पर उनके हस्ताक्षर हैं। इसके बाद स्टाफ नर्स तथा कंप्यूटर ऑपरेटर ने थाना फैजगंज बेहटा में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी।
इधर, जिस उमेश के नाम से प्रमाणपत्र जारी हुआ है उसके कथित पिता हरिसिंह ने सोमवार को कोतवाली बिसौली में एक व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उस व्यक्ति और उसके साथियों ने किसी तरीके से उनके आधार कार्ड को चोरी कर लिया तथा उसका दुरुपयोग कर यह फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया है।
इस संबंध में एसओ सिद्धांत शर्मा ने बताया कि अभी तहरीर की जानकारी नहीं है। इसे दिखवाते हैं। एमओआईसी डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जिसमें डॉ. तहसीन, डीपीएम कमलेश कुमार शर्मा तथा छगनलाल को शामिल किया गया है।