Budaun News: समय निकला पर गोआश्रय केंद्रों में नही पहुंच पाए सभी गोवंश


शहर में घूमते छुट्टा गोवंश। संवाद
बदायूं। कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह के छुट्टा गोवंश को पकड़कर 31 दिसंबर तक गोआश्रय स्थलों तक पहुंचाने के आदेश का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। आदेश की समय सीमा समाप्त हो जाने के बाद भी सोमवार को सड़कों से लेकर खेतों तक छुट्टा पशु घूमते दिखाई दिए।
छुट्टा गोवंश जहां किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहे हैं तो राहगीरों पर जानलेवा हमला भी कर रहे हैं। इससे जिले में काफी लोगों की मौत भी हो चुकी है। किसानों की फसलों को बर्बाद करने और लोगों को मौत की गूंज अनेक बार विधानसभा में भी सुनाई दी है। खासतौर पर विपक्ष के नेताओं ने इस मुद्दे को काफी हवा दी है।
इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि 31 दिसंबर के बाद छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूमते नजर नहीं आने चाहिए। इसके बाद प्रशासन ने अभियान चलाया। विभाग का दावा है कि सड़कों से छह हजार गोवंश पकड़कर गोआश्रय स्थल भेजे गए। मंत्री द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त होने के अगले दिन सोमवार को जब अमर उजाला की टीम ने जिलेभर में अपनी नजर दौड़ाई, तो कैबिनेट मंत्री का आदेश का असर दिखाई नहीं दिया। किसान और आम जनता छुट्टा गोवंश से परेशान दिखी।
शहर की बात करें तो पहले की अपेक्षा छुट्टा गोवंश कुछ कम दिखाई दिए। पहले जहां रानी लक्ष्मीबाई चौक पर हर समय छुट्टा गोवंश का जमावड़ा रहता था वहां सोमवार को इनकी संख्या कम दिखी। हालांकि शहर की सड़कों पर पूर्ववत गोवंश विचरण करते दिखाई दिए।
शहर के मोनू, अमन सिंह, ओम प्रकाश, दिनेश कुमार आदि का कहना है कि अधिकारी अगर ठीक से इनकों पकड़े तो सारे गोवंश गोआश्रय स्थल में होते, लेकिन केवल औपचारिकता निभाई गई।
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फोटो-21
बिल्सी : सड़कों पर कम नहीं हुए गोवंश
बिसौली। नगर में सोमवार को भी तमाम गोवंश सड़कों के किनारे बैठे नजर आए। दिसाैली गंज, हतसा, बंजरिया, परसिया, दबताेरी, गहूरा, सरवा, भटपुरा में भी सड़कों से लेकर खेतों तक छुट्टा गोवंश घूमते दिखे।
बगरैन : सोमवार को भी परेशान रहे राहगीर
बगरैन। गोवंश बगरैन के अलावा अगई, भूझिया, सिसईया, सैदपुर, पेपल आदि गांवों में सोमवार को भी सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंश ने राहगीरों को काफी परेशान किया। संवाद
उघैती : लोगों ने कहा-नहीं सुधरी स्थिति
उघैती। चाचीपुर, ठिठौली, रमपुरिया, करनपुर आदि में काफी संख्या में गोवंश देखे गए। स्थानीय लोगों के अनुसार अधिकारियों ने इनको पकड़ने में कोई रुचि नहीं दिखाई। संवाद
कुंवरगांव : छुट्टा पशुओं से दिक्कत पूर्ववत
कुंवरगांव। रामलीला मैदान, गंज, सिगोई, हरहरपुर, मोहनपुर, यूसुफनगर के लोग सोमवार को भी छुट्टा गोवंश से परेशान रहे। बता दें कि पिछले दिनों एक सिपाही को सांड़ ने पटक दिया था। जिससे उसका एक हाथ भी टूट गया था। संवाद
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फैक्ट फाइल
गोआश्रय स्थल -250
नए गोआश्रय स्थल-13
क्षमता-30,000
नंवबर-दिसंबर में पकड़े गए गोवंश-6009
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छुट्टा गोवंश को पकड़ने के लिए 60 दिनों का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। छह हजार गोवंश को गोआश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है। अब भी कुछ छुट्टा गोवंश सड़कों पर हैं। उनके खिलाफ अभियान जारी है। -वीके सिंह, एडीएम प्रशासन

शहर में घूमते छुट्टा गोवंश। संवाद

शहर में घूमते छुट्टा गोवंश। संवाद

शहर में घूमते छुट्टा गोवंश। संवाद

शहर में घूमते छुट्टा गोवंश। संवाद