Budaun News: सच्चे भक्त भगवान से कुछ नहीं मांगते
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित आर्य समाज मंदिर पर रविवार को यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन किया गया। आचार्य संजीव रूप ने यजुर्वेद के मंत्रों की व्याख्या करते हुए यज्ञ कराया। उन्होंने कहा कि यज्ञ जीवन जीना सिखाता है। यज्ञ में स्वाह का बहुत महत्व है। स्वाह के दो अर्थ होते हैं पहला स्व अर्थात अहम का त्याग अर्थात अहंकार को छोड़ दो, विनम्र बनो, सब से प्रेम करो। दूसरा अर्थ है त्याग, दान अर्थात समाज के राष्ट्र के मानवता के लिए त्याग करो, अपने धन का समय का और जीवन का।
जो लोग स्वाह के इस सुंदर अर्थ को जीवन में उतार लेते हैं वही अमर होते हैं। संसार उनकी पूजा करता है। तृप्ति शास्त्री ने कहा हम भगवान से सदा मांगा ही करते हैं किंतु सच्चे भक्त भगवान से कुछ नहीं मांगते। कौशिकी रानी ने यहां भजन गाए। मोना, भावना, ईशा आदि ने वेद पाठ किया। इस मौके पर राकेश आर्य, साहब सिंह, पंजाब सिंह, मिथलेश रानी, गुड्डू देवी, रेखा रानी, धनवती देवी आदि मौजूद रहे। संवाद