Budaun News: चहारदीवारी फांदकर कस्तूरबा स्कूल से निकल गईं दो छात्राएं

वजीरगंज कस्बे का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय। संवाद
वजीरगंज (बदायूं)। कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से शनिवार रात कक्षा छह की दो छात्राएं अपना सामान लेकर बाहर निकल गईं लेकिन गलती से बिल्सी रोड पर पहुंच गईं। उस दौरान गश्त कर रही चीता पुलिस उन्हें थाने ले आई। सूचना पर स्कूल स्टाफ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। सुबह एसडीएम बिसौली और बीएसए स्कूल पहुंच गईं। उन्होंने वार्डन समेत स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। फिलहाल दोनों छात्राओं को परिवार वालों के हवाले कर दिया गया है।
दोनों छात्राएं बगरैन रोड स्थित एक गांव की रहने वाली हैं। दोनों की ही उम्र 11 साल है और वह कक्षा छह की छात्राएं हैं। स्कूल स्टाफ के अनुसार कस्तूरबा स्कूल में दूसरी मंजिल पर हॉस्टल बना है। सभी छात्राएं रात को उसी में विश्राम करती हैं। सुबह नीचे आकर पढ़ाई करती हैं। रात करीब तीन बजे स्कूल में एक बंदर आ गया था। चपरासी को पानी का टैंक भी भरना था, जिससे उसने कार्यालय का ताला खोलकर बंदर भगाया और फिर मोटर चलाकर लेट गया लेकिन उसने कार्यालय का ताला नहीं लगाया। उसी दौरान दोनों छात्राएं उठीं और बैग में अपना सामान पैक करके नीचे उतर आईं। वह कार्यालय के दूसरे गेट से निकलकर साढ़े तीन फुट की बाउंड्री फलांगकर स्कूल के बाहर निकल गईं जबकि गेट पर बैठे पीआरडी के जवानों को इसकी भनक तक नहीं लगीं। दोनों छात्राओं को कस्बे से बगरैन रोड पर जाना था लेकिन वह धोखे में बिल्सी रोड पर पहुंच गईं। वह बैग लटकाकर पैदल-पैदल जा रहीं थीं कि उसी दौरान दो पुलिस कर्मी गश्त करते हुए उधर से निकल रहे थे। जब उन्होंने 11 साल की लड़कियों को बैग लेकर सड़क पर जाते देखा तो वह हैरान रह गए। उन्होंने लड़कियों को वहीं रोक लिया। पूछने पर दोनों छात्राओं ने स्वयं बाहर निकलने की बात बताई। इससे पुलिस कर्मी उन्हें थाने ले गए और इसकी सूचना स्कूल स्टाफ व उनके परिवार वालों को दी।
इससे सुबह दोनों छात्राओं के परिवार वाले थाने पहुंच गए। बाद में एसडीएम बिसौली कल्पना जायसवाल, बीएसए स्वाती भारती भी पहुंच गईं। प्रथम दृष्टतया इस मामले में स्कूल स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। इस पर अधिकारियों ने वार्डन समेत रात को मौजूद रहने वाले स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है।
छात्राएं बोलीं- मन नहीं लग रहा था, इसलिए निकल गईं बाहर
– दोनों छात्राएं रक्षाबंधन के त्योहार पर घर गईं थीं और चार-पांच दिन रुककर आईं थीं। जब उनसे स्कूल से बाहर जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका मन नहीं लग रहा था। इससे वह स्कूल से बाहर निकल गईं थीं। वह अपने घर जा रहीं थीं।
महिला सिपाही के कमरे से भी बाहर निकल गईं छात्राएं
शनिवार रात जब सिपाही दोनों छात्राओं को लेकर थाने पहुंचे तो उन्हें एक महिला सिपाही के साथ उसके कमरे में लिटा दिया गया था। महिला सिपाही ने कमरे में अंदर से ताला लगा लिया था लेकिन तब महिला सिपाही सो गई तो दोनों छात्राएं ताला खोलकर बाहर आ गईं। उस दौरान थाना परिसर में कुछ गार्ड और पुलिस कर्मी बैठे थे। उन्होंने छात्राओं को देख लिया तो वह अंदर ले गए लेकिन इसके बाद महिला सिपाही चौकन्नी होकर उनकी पहरेदारी करती रही।
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वैसे तो दोनों छात्राएं स्वयं स्कूल से बाहर निकल गईं थीं लेकिन इसमें स्कूल के स्टाफ की लापरवाही भी है। स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।- कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली
इस मामले में प्रथम दृष्टतया स्टाफ की लापरवाही रही। अगर लापरवाही नहीं रही तो छात्राएं बाहर कैसे निकल गईं? इसमें वार्डन समेत अन्य स्टाफ के कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरी जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। -स्वाती भारती, बीएसए

वजीरगंज कस्बे का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय। संवाद


