Budaun News: सूक्ष्म उद्यान उन्नयन से आत्मनिर्भर बन रहे बेरोजगार

कादरचौक में फ्लोर मिल का संचालन करते संजीव कुमार। संवाद
बदायूं। आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- वोकल फॉर लोकल के तहत चलाई जा रही प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्यान उन्नयन योजना बेरोजगारों के लिए वरदान साबित हो रही है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्य के लिए उद्यान विभाग की ओर से योजना के तहत अपना लघु उद्योग लगाने की चाह रखने वाले युवाओं को लगाई जाने वाली इकाई की लागत का 35 प्रतिशत तक अनुदान या फिर 10 लाख रुपये (जो ज्यादा होगा) दिया जा रहा है। जिले के 10 लोगाें ने अपना लघु उद्योग स्थापित किया है।
कोरोना काल में दूसरे प्रदेशों और शहरों में काम करने वाले लोग बेरोजगार होकर जब घर लौट रहे थे, तब केंद्र सरकार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पांच साल का कार्यक्रम बनाया था। सरकार की मंशा थी कि ग्रामीण क्षेत्रों में ही ऐसे उद्योग स्थापित किए जाएं, जिससे आठ-दस लोगों के समूह को रोजगार मिल सके। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में तब सूक्ष्म उद्यान उन्नयन योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत बेकरी, पशु एवं मुर्गी चारा, चावल मिल, फ्लोर मिल, ऑयल सीड आधारित उद्योग, नमकीन, मिठाई, चिप्स पापड़ आदि उद्योग के लिए ऋण दिया जाता है।
इन्होंने लिया योजना का लाभ
– संजीव कुमार गुप्ता, ककोड़ा, फ्लोर मिल
– योगेश कुमार, आसफपुर रोड बिसौली, मस्टर्ड ऑयल
– रत्नादेवी, ग्राम बीबीपुर, मस्टर्ड ऑयल
– कृपाशंकर शाक्य, मूसाझाग, सोया पनीर उद्योग
– मुनेश बाबू, ग्राम बूचानगला, घी-पनीर उद्योग
– महावीर सिंह, जिरौलिया, मस्टर्ड ऑयल
– रुकुमसिंह, गफ्फारनगला, मस्टर्ड ऑयल
– प्रदीप कुमार, ग्राम गिधौल, फ्लोर मिल
– बबिता रानी, कालूपुर, मस्टर्ड ऑयल
– मोहित मिश्रा, ममौरी, मस्टर्ड ऑयल
बोले लाभार्थी
कादरचौक निवासी संजीव कुमार गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने पिछली साल आवेदन किया था, जिसमें उन्हें 35 प्रतिशत अुनदान मिला। अब वह फ्लोर मिल लगाकर काम कर रहे हैं। बिसौली के आसफपुर रोड पर मस्टर्ड ऑयल का प्लांट लगाकर रोजगार करने वाले योगेश कुमार बताते हैं कि 35 प्रतिशत अनुदान मिला। पूरी पारदर्शिता के साथ उन्हें योजना का लाभ मिला था।
बेरोजगारों के लिए यह योजना काफी उपयोगी है। आवेदन आ रहे हैं, जिनमें मानक पूरा करने वालों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत इकाई की कुल लागत का 35 प्रतिशत सब्सिडी या दस लाख रुपये दिए जाते हैं। योजना के लिए उद्यान विभाग को 123 का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 119 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें 46 आवेदन मानक के अनुरूप पाए गए। इनमें से 10 को योजना का लाभ दिया गया है। -सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी