Budaun News: बदायूं के स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास अविस्मरणीय

राजकीय महाविद्यालय में गोष्ठी में शामिल छात्र-छात्राएं। संवाद
बदायूं। राजकीय महाविद्यालय में इतिहास विभाग के तत्वावधान में ‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बदायूं का योगदान’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय आंदोलन में बदायूं के स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. श्रद्धा गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य वक्ता बरेली के साहू राम स्वरूप महिला महाविद्यालय के इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा गौतम रहीं। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के राष्ट्रीय आंदोलन में बदायूं के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। ककराला, दातागंज, बिसौली, बिल्सी, सहसवान आदि क्षेत्रों में 1942 की क्रांति का बिगुल बजा था। महात्मा गांधी से प्रेरित आंदोलन में आमजन ने भी भागीदारी की थी।
इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में बदायूं जिले के क्रांतिकारियों के योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि जहां बदायूं की धरती पर महात्मा गांधी सहित राष्ट्रीय नेताओं के आगमन के पश्चात आंदोलन तीव्र हुआ था। वहीं अंग्रेजों द्वारा क्रांति के दमन का चक्र भी कठोर होता गया। जो आजादी मिलने तक जारी रहा। इसका प्रमाण जिला कलक्ट्रेट में स्थापित स्तंभ पर अंकित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अनिल कुमार ने की। संचालन डॉ. राकेश कुमार जायसवाल ने किया। इस मौके पर डॉ. संजीव राठौर, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. प्रेमचंद चौधरी, डॉ. सतीश सिंह यादव, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. दिलीप वर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।



