बदायूं

Budaun News: बच्चे की मौत के बाद ग्रामीण नाराज, अब प्रशासन कराएगा सुरक्षात्मक इंतजाम

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Villagers angry after child's death, now administration will make protective arrangements

गंगा एक्सप्रेस-वे के इसी गड्ढे में डूबकर हुई थी बालक की मौत। संवाद

नसरौल गांव के लोग बोले- ग्रामीणों को धोखा दे रहे हैं एक्सप्रेस-वे के अधिकारी

हादसे के बाद भी नहीं करा रहे बेरिकेडिंग और न ही लगा रहे बोर्ड

संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं / इस्लामनगर। बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव नसरौल में गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढे में डूबकर बालक की मौत होने से ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेस वे के अधिकारियों की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी के कारण ही बच्चे की जान गई है। हालांकि इस घटना के बाद डीएम मनोज कुमार ने सभी एसडीएम को सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को नसरौल गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे के गड्ढे में डूबकर सात वर्षीय रूपेश पुत्र बुधसेन की मौत हो गई थी। बालक अपने कुछ साथियों के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे खेलने गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के साथ जगह-जगह पानी निकास को छोटे अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इस तरह का एक अंडरपास नसरौल गांव के नजदीक भी बनाया गया है।

इसी अंडरपास के लिए एक्सप्रेस-वे के लिए मिट्टी की खोदाई की गई, जिससे वहां करीब 12 से 15 फुट तक गहरा गड्ढा हो गया। उसमें बारिश का पानी भरा हुआ है। उसमें किसी प्रकार की बेरिकेडिंग नहीं कराई गई है और न ही वहां कोई संकेतक बोर्ड लगाया गया है। इससे गांव के लोगों को जान का खतरा बना हुआ है।

रूपेश भी खेलते-खेलते गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया और डूबकर उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद भी गंगा एक्सप्रेस-वे के अधिकारी झूठा बयान दे रहे हैं कि वहां बेरिकेडिंग कराई गई थी। यह ग्रामीणों के साथ धोखा है। इसमें लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने जताया गुस्सा, की नारेबाजी

अधिकारियों के रवैये से गुस्साए नसरौल के ग्रामीणों ने एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने वाली कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी एक्सप्रेस-वे से जुड़े ग्रामीणों को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह मौत के कुंए खोदकर छोड़ दिए हैं। उन पर न तो बेरिकेडिंग कराई गई है और न ही संकेतक बोर्ड लगाया है।

डीएम बोले-किए जाएंगे सुरक्षात्मक इंतजाम

मंगलवार को नसरौल गांव में हुई घटना को लेकर डीएम मनोज कुमार भी काफी चिंतित हैं। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां से गंगा एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है या जहां-जहां से मिट्टी उठाई गई है। वहां गड्ढों के आसपास सुरक्षात्मक उपाय कराए जाएं। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के प्रत्येक गड्ढे पर जहां पानी भर गया है। वहां बेरिकेडिंग कराई जाएगी। बोर्ड भी लगाया जाएगा, जिससे लोग गड्ढे के नजदीक पहुंचने से पहले ही सावधान हो जाएं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

दातागंज में लगा दी गई थी फर्जी रिपोर्ट

दातागंज। तहसील क्षेत्र के गांव मैरी बजर मैरी के लोगों ने कुछ समय पहले एसडीएम से शिकायत की थी कि उनके गांव में मछली पालन को तालाबों के पट्टे कराए गए थे। जब गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हुआ तो उन तालाबों से मिट्टी उठाई गई लेकिन इसमें कोई मानक नहीं देखा गया। तालाबों से मिट्टी उठाकर उन्हें 20 से 25 फुट गहरा कर दिया गया, जिससे यह तालाब मौत का कुंआ बनकर रह गए। शिकायत पर इसकी जांच भी कराई गई लेकिन लेखपाल ने ग्रामीणों की शिकायत के विपरीत इसकी रिपोर्ट सौंपी। आज भी ग्रामीण तहसील प्रशासन से संतुष्ट नहीं हैं। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे के इसी गड्ढे में डूबकर हुई थी बालक की मौत। संवाद

गंगा एक्सप्रेस-वे के इसी गड्ढे में डूबकर हुई थी बालक की मौत। संवाद


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