Budaun News: जमकर करो मतदान, इस बार बनाना है कीर्तिमान

10बीडीएन61-सिग्लर गर्ल्स कॉलेज में मतदान के लिए की गई तैयारियां। संवाद
– परवाह मत करना धूप की या पैदल चलने की, सोचना बस शहर की किस्मत बदलने की. खुद करना मतदान, दूसरों को भी करना प्रेरित
सौरभ सक्सेना
बदायूं। हे मतदाता.. तुम भाग्यविधाता हो। तुम्हारे एक वोट का सही इस्तेमाल शहर की तकदीर और तस्वीर बदल सकता है। समस्याओं का रोना तो तुम हर साल रोते हो, पर जब तुम्हें अपनी वोट रूपी ताकत दिखाने का समय आता है तो तुम आलस कर जाते हो। कारण चाहे नेताओं की उपेक्षा हो या फिर तुम्हारी गली-मोहल्ले की समस्याओं का निदान न होना, लेकिन सच्चाई यह है कि तुम्हारा वोट ही सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है।
ये शहर शकील बदायूंनी और फानी का है, जिनके गीतों और शायरी की गूंज आज भी दुनिया भर में है। गंगा निकलकर बदायूं के हृदयस्थल को पवित्र करती है तो छोटे और बड़े सरकार की प्रसिद्धि भी विदेशों तक है। हजरत निजामुद्दीन औलिया की पैदाइश से बदायूं की सरजमीं धन्य हुई तो इस्मत चुगताई की कहानियों ने भी बदायूं का नाम दूर तक रोशन किया है। लेकिन, आज ये शहर तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। तुम रोज गली-मोहल्लों और चौराहों पर गंदगी के पास से गुजरते वक्त नाम पर रुमाल रखते हो। जर्जर सड़कों पर कई बार गिरते-गिरते बचे हो। सालों से ऊबड़-खाबड़ पनबड़िया की पुलिया से रात में गुजरते वक्त वाहन की हेडलाइट ही तुम्हारा सहारा है क्योंकि यहां सड़कों पर लाइटें तो जलतीं ही नहीं। कभी-कभी घरों में गंदा पानी आने की समस्या भी तुमने झेली है, क्योंकि यहां सालों से ओवरहेड टैंकों की सफाई तक नहीं हुई। बारिश का मौसम तो तुम्हारे लिए और मुसीबत बनकर आता है जब तुम सड़कों पर घंटों इसलिए नहीं निकल पाते क्योंकि घुटनों तक पानी से होकर तुम्हें गुजरना होता है। चाहें शिव मंदिर चौक से लावेला जाने वाली सड़क हो या फिर छह सड़का से गांधीग्राउंड वाली जाने वाली सड़क, गलियों में भी तुम केवल इसलिए नहीं निकल पाते क्योंकि वहां कीचड़ फैल जाती है। शहर में सीवर लाइन पड़ने का तो तुम सालों से इंतजार ही कर रहे हो।
पांच साल बाद अब फिर मौका मिला है ऐसी सरकार चुनने का जो तुम्हारी समस्याओं का निदान करे। अभी तक या तो तुमने वोट नहीं दिया या फिर धर्म, जाति और भावनाओं में बहकर उसका उपयोग किया। यह वक्त है जब तुम्हें तय करना है कि अगले पांच साल फिर इन समस्याओं से जूझना है या फिर किसी ऐसे व्यक्ति को चुनना है जो तुम्हारी सब नहीं तो कुछ तो समस्याओं का निपटारा कर ही दे। इसके लिए तुम्हें मतदान करना ही होगा । इसलिए… घरों से निकलो, न धूप की परवाह करो, न इसकी कि पैदल चलकर इतनी दूर जाना पड़ेगा। बस, ये सोचो कि तुम्हारा एक वोट तुम्हारे शहर की किस्मत बदल सकता है।
पिछले साल इतना हुआ मतदान, अब बढ़ाना आपका काम
बदायूं- 51.16 प्रतिशत
उझानी- 59.34 प्रतिशत
बिल्सी- 70.2 प्रतिशत
बिसौली- 66.25 प्रतिशत
सहसवान- 59.22 प्रतिशत
दातागंज- 63.89 प्रतिशत
ककराला- 64.63 प्रतिशत
(प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार)
कोई पसंद नहीं तो नोटा दबाने जरूर जाना
ये भी हो सकता है कि किसी को वोट देने का ही मन न हो तो भी मतदान करने जरूर जाना और नोटा दबाना। ताकि, तुम्हारी आवाज उन जनप्रतिनिधियों के कानों तक जरूर पहुंच सके जो केवल वोट मांगने तुम्हारे दरवाजे तक आते हैं और पांच साल अपने दरवाजे पर तुम्हें इंतजार कराते हैं। पिछले साल भी नगर पालिकाओं में 485 तथा पंचायतों में 255 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था।
नाम
दीपमाला गोयल- भाजपा- 33316
फात्मा रजा- सपा- 29140
प्रीति साहू- बसपा- 1377
मेहनाज अख्तर- निर्दलीय- 745
राजरानी-कांग्रेस- 590
शिवदेवी- रालोद- 164
कृष्णादेवी- आप- 148
मंजू सिंह- निर्दलीय-111
इस बार ये हैं चुनाव मैदान में
दीपमाला गोयल- भाजपा
माधवी साहू- कांग्रेस
संतोष कश्यप- बसपा
शाह जमानी- आप
फात्मा रजा- निर्दलीय
नाजमी- निर्दलीय
आफताब- निर्दलीय
नाजिया खान- निर्दलीय
आशा- निर्दलीय
अजरा अल्वी- निर्दलीय


