Budaun News: मौसम की मार… चपेट में आई गेहूं की बढ़वार

उझानी क्षेत्र में गेहूं की फसल। संवाद
उझानी। दिसंबर में उम्मीद से कम ठंड पड़ने की वजह से गेहूं की बढ़वार प्रभावित हुई है। इन दिनों औसत तापमान 18 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, जोकि तीन डिग्री अधिक रहा है। ऐसे में खेतों में नमी कम रही है। जिसका असर गेहूं की फसल पर पड़ा है।
15 नवंबर से 15 दिसंबर तक गेहूं की बोआई की जाती है। इसके बाद चार-छह दिनों में अगर कहीं बोआई की जाती है तो उसे पिछेती (लेट) कहा जाता है। ऐसे में अच्छी बढ़वार के लिए जरूरी है कि औसत तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहे। इसके विपरीत इस बार दिसंबर में अधिकतम तापमान औसत से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है। ऐसे में खेतों में नमी कम रहने से गेहूं की बढ़वार प्रभावित हुई है।
किसानों में यशपाल यादव और गंगा सिंह शाक्य बताते हैं कि ठंड कम पड़ने से गेहूं के पौधे फिलहाल 10-12 सेंटीमीटर तक बढ़ पाए हैं। गेहूं के अधिकतर रकबे में एक बार सिंचाई भी हो चुकी है। मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो इसका प्रभाव पैदावार पर पड़ेगा। किसानों को सिंचाई भी तीन के मुकाबले एक बार अधिक करनी पड़ेगी।
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माहु कीट भी ले सकता है सरसों को चपेट में
ठंड कम पड़ने के साथ ही फिलहाल अभी कोहरे की शुरुआत नहीं हुई है। अगर अब कोहरा ज्यादा पड़ता है तो उसका सीधा असर आलू और सरसों की फसल पर पड़ेगा। ऐसे में माहु कीट भी सरसों को अपनी चपेट में ले सकता है।
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फिलहाल गेहूं की फसल के अनुरूप तापमान नहीं है। औसतन तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि गेहूं के पौधों की बढ़वार को प्रभावित कर रही है। आने वाले छह-सात दिनों में ठंड बढ़ी तो जरूर गेहूं के पौधे बढ़वार पकड़ लेंगे। ।
– डॉ. संजय कुमार, प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र, दातागंज