शेयर बाजार में तेजी से चल रही संपत्ति में बैंपर टॉस, सट्टेबाजी महीने में जोड़े 33 लाख करोड़
निवेशकों के धन में वृद्धि: नया वित्त 2023-24 शेयर बाजार में निवेश करने वाले घरेलू से लेकर विदेशी आशंका के साल अब तक बेहद शानदार रहा है। 20 मार्च 2023 के बाद से भारतीय शेयर बाजार ने यूटर्न लिया और उसके बाद लेकर आज तक बाजार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पिछले डेढ़ महीनों में शेयर बाजार की संपत्ति में बंपर टॉस को मिला है। वर्कश ने इस अवधि में 33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति जोड़ी है।
बुधवार का सत्र बहुत खास था। क्योंकि सेंसेक्स 2023 में पहली बार 63,000 के स्तर को पार करने में सफल रहा है इसलिए इस साल पहली बार 18,700 पॉइंट को पार कर पाया। सेंसेक्स अपने लाइफटाइम हाई से 440 तो केवल 160 अंक दूर है। और बाजार के बारे में जानकारी का अंदाजा है कि जिस तरह बाजार में देसी विदेशी निवेश कर रहे हैं ऐसे में जल्द ही बाजार इन ऐतिहासिक स्तरों को पार कर सकता है।
20 मार्च 2023 को बीएसई सेंसेक्स 57,000 के स्तर तक बंधा हुआ था तो राष्ट्रीय शेयर विनिमय का एकाधिकार घटक 16,828 के स्तर से नीचे गिर गया था। इन स्तरों से सेंसेक्स में 6,000 तो घबराहट में 1900 पॉइंट का चक्कर लगा है। विदेशी और घरेलू अधिकार की खऱीदारी के चलते बीएसई पर लिस्टेड प्राधिकरण का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन जो 20 मार्च 2023 को घटक 255.64 लाख करोड़ रुपये पर चुका था। वो अब बढ़ा 289.07 लाख करोड़ रुपए के लेवल पर जा रहा है। यानी इस अवधि में बाजार में निवेशित शेयर की संपत्ति में 33.43 लाख करोड़ रुपये का अब बकाया है।
मई महीने में विदेशी निवेश की तरफ से सबसे ज्यादा निवेश करने को मिला है। विदेशी वीजा ने मई में 27,856.48 करोड़ रुपए का निवेश किया है। हालांकि घरेलू निवास ने 3306 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. लेकिन बुधवार 7 जून को एलियंस ने 1383 करोड़ रुपये के शेयर झिझकते हैं तो घरेलू अनुरोध अनुरोध ने भी 392 करोड़ रुपये की बाजार में शुद्ध खरीदारी की है।
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