Chhath Puja 2023: बरेली में बिखरी महापर्व छठ की छटा, खरना आज, कल डूबते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य

Chhath Puja 2023
– फोटो : अमर उजाला
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सूर्योपासना का महापर्व छठ शुक्रवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। सुबह महिलाओं ने घर की सफाई के बाद स्नान किया। इसके बाद चने की दाल, लौकी की सब्जी और चावल खाकर व्रत की शुरुआत की। सुनि ल अरजिया हमार, हे छठी मइया… आदि छठ गीत दिनभर गूंजते रहे। शनिवार को खरना है। इस दिन शाम को गुड़ और चावल की खीर बनाकर उसका भोग लगाया जाएगा।
शुक्रवार को बाजारों में लौकी और चने की दाल की खूब बिक्री हुई। शनिवार को दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को गुड़ की खीर व फल खाएंगी। रविवार को निर्जला व्रत रखकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी और सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर संतान और परिवार के लिए मंगल की कामना करेंगी। छठ पूजा के लिए विश्वविद्यालय परिसर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, इज्जतनगर, रामगंगा तट, तपेश्वरनाथ मंदिर आदि स्थानों पर सजावट का काम जारी रहा।
मंदिर का इतिहास
रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री शिव-शक्ति पीठ मंदिर की देखरेख कर रहे देवेंद्र राम ने बताया कि वर्ष 2001 में बिहारीपुर निवासी पंडित विश्वनाथ शास्त्री के नेतृत्व में मंदिर की स्थापना की गई थी। इससे पहले सभी लोग परिसर में गड्ढा बनाकर छठ पूजा किया करते थे।



