Budaun News: जिले में डेंगू ने छात्रा समेत तीन और लोगों की ली जान
बदायूं। जिले में डेंगू का कहर जारी है। शुक्रवार को जिले में छात्रा समेत तीन लोगों की डेंगू से मौत हो गई। लक्ष्मीपुर में किसान की और बरातेगदार में युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी खलबली है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबूलपुरा में रहने वाले तरब बी (18) पुत्री तन्जीर अली इंटर की छात्रा थी। तीन दिन पहले ही उसे बुखार आया तो परिवार वालों ने उसकी जांच कराई जिसमें वह डेंगू संक्रमित पाई गई। हालत बिड़ने पर परिवार के लोग बरेली ले गये और निजी अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव बरातेगदार निवासी मनोज कुमार को बुखार आने पर उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गांव में दर्जनों लोग डेंगू से संक्रमित पाए जाने के बाद निजी अस्पतालों में इलाजरत हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाना भी उचित नहीं समझा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष पनप रहा है।
दबतोरी। आसफपुर विकास क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर में 21 लोगों की मौत हो जाने के बाद लगे स्वास्थ्य कैंप में एक भी डेंगू संक्रमित मरीज टीम को नहीं मिला जबकि गांव में हर घर में डेंगू का मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहा है। बृहस्पतिवार को 50 वर्षीय जमालुद्दीन की डेंगू से मौत हो गई। उनकी मौत के बाद गांव में यह 22 वीं मौत सामने आई है। विभाग की लापरवाही से बुखार पीड़ित मर रहे हैं।
प्राइवेट लैब में 40 फीसदी डेंगू के मरीज, सरकारी जांच में नहीं : स्वास्थ्य विभाग की टीम दिन भर में कैंप लगाकर एक हजार से अधिक बुखार पीड़ितों की जांच कर रही है। जिसमें मात्र पांच या छह डेंगू के मरीज निकल रहे हैं, जबकि प्राइवेट लैब पर 100 जांचों में 40 प्रतिशत डेंगू, 20 प्रतिशत मलेरिया और बाकी वायरल के मरीज पाए जा रहे हैं। दोनों का यह अंतर कहीं न कहीं सवालों के घेरे में है। या तो प्राइवेट लैब गलत रिपोर्ट देने का काम कर रही हैं या फिर सरकारी सिस्टम जांच रिपोर्ट गलत तरीके से पेश कर रहा है। जिले में 150 से अधिक लोगों की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई लेकिन स्वास्थ्य महकमा मात्र पांच छह मौते ही बुखार से होना मान रहा है। लगातार हो रही लोगों की मौत का सही आंकलन भी विभाग नहीं कर पा रहा है। न मरने वालों के परिजनों को उनकी मौत का कारण बता पा रहा है।
नौ मलेरिया तो छह डेंगू संक्रमित मिले : शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की 11 टीमों ने कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। 1280 जांचों में बुखार के 743 मरीज मिले। नौ मरीजों में मलेरिया पीवी और एक में मलेरिया पीएफ पाया गया तो वहीं आठ मरीज डेंगू संक्रमित मिले। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब जिले में एलाइजा जांच में पाए गए डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 297 हो गई है।