Bareilly News: रोपने के लिए लाए गए पौधे झाड़ियों में फेंके
हाफिजगंज। शासन की ओर से चलाए गए वृहद पौधरोपण अभियान के दौरान प्रशासन ने बड़ी संख्या में पौधे रोपने का दावा किया था। कई जगह लक्ष्य पूरा होने का भी दावा किया गया, लेकिन यह पौधरोपण किस तरह हुआ, इसकी हकीकत अब सामने आ रही है।
नवाबगंज तहसील क्षेत्र में खुलासा हुआ है कि वन विभाग ने पौधे रोपने के लिए गड्ढे करवाए, लेकिन बड़ी संख्या में पौधे रोपने की जगह झाड़ियों में फेंक दी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 12 स्थानों पर पौधे लगवाने के लिए गड्ढे करवाए गए थे। यहां कुल 66 हजार पौधे रोपे जाने थे, लेकिन चुनिंदा पौधे रोपकर फोटो खिंचवाने के बाद बची पौध को झाड़ियों में फेंक दिया गया।
कमुआ गांव में बहगुल नदी के किनारे, सिथरा नवदिया से बमनपुर नवदिया, समुआ से भोपतपुर, ज्योरा से देवरिया गांव तक जगह-जगह पौध झाड़ियों में पड़ी हुई है। यह पौध खराब हो चुकी है। यहां काफी बड़े हिस्से में पौधे लगाने के लिए गड्ढे भी खोदे गए हैं, लेकिन यहां पौधे नहीं लगाए गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पौधरोपण अभियान के दौरान कई बार अधिकारी यहां आए। चुनिंदा पौधे लगाकर फोटो खिंचवाए गए। इसके बाद उन्होंने रोपे गए पौधों का हाल लेना उचित नहीं समझा। देखरेख करने वाले कर्मचारी भी नहीं आए। इस वजह से रोपे गए ज्यादातर पौधे भी सूख चुके हैं। इस मामले में वन विभाग के रेंजर केके मिश्रा ने बताया कि वृहद पौधरोपण अभियान के दौरान जगह-जगह पौध रखवाई गई थी। ताकि, जहां पौधे सूख जाएं वहां नए पौधे लगाए जा सकें। हालांकि, इस पौध की किसी ने सुध क्यों नहीं ली? इस पर वह कुछ नहीं बता पाए।



