नई शिक्षा नीति के तहत सीखने पर दिया जाएगा जोर : परवेज
शाहजहांपुर। केंद्रीय विद्यालय नंबर दो (ओसीएफ) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तीन साल पूर्ण होने पर केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय समेत तमाम विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में जानकारी दी। साथ ही इसे विद्यालयों में लागू करने और क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
केंद्रीय विद्यालय नंबर-दो के प्राचार्य परवेज हुसैन ने बताया कि एनईपी 2020 का उद्देश्य 21वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल व्यापक, लचीली, बहु-विषयक शिक्षा के माध्यम से भारत को एक जीवंत ज्ञान समाज और वैश्विक ज्ञान महाशक्ति में बदलना। प्रत्येक छात्र की अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना। रटने के बजाय आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना, पढ़ाई के बजाय सीखने पर ध्यान केंद्रित करना, वैज्ञानिक स्वभाव को प्रोत्साहन देना है।
उप-प्राचार्य विजय प्रकाश ने बताया कि स्कूल न जाने वाले दो करोड़ बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाया जाएगा। नवोदय विद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय नंबर वन व टू तथा जवाहर नवोदय विद्यालय को पीएम श्री के प्रथम चरण में ही चुना गया है। बताया कि लड़कियों और ट्रांसजेंडर छात्रों को समान गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए लिंग समावेशन कोष की स्थापना होगी।
इन दिनों विद्यालयों को सरकार की ओर से फंडिंग मिलेगी। इस दौरान गुरु तेगबहादुर अकादमी, बंडा की प्राचार्या निधि बहल, सुदामा प्रसाद विद्यास्थली की प्राचार्या उज्ज्वल मिश्रा, केंद्रीय विद्यालय नंबर-एक के उप प्राचार्य जोगिंदर सिंह, तक्षशिला पब्लिक स्कूल से उप प्राचार्य केसी जोशी ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर विपिन मौर्य, आजमी रियासत, आरआर शाक्य, अनुभा विवेक, प्रशांत कुमार, मैराज अहमद आदि मौजूद रहे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ में वर्णित परिष्कृत शिक्षा प्रणाली की परिकल्पना को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।