सभी को मानें आत्मा, कम हो जाएगा अहंकार : शिवानी
बरेली। हर चार मिनट में हम अपना व्यक्तित्व बदलते हैं। किसी के सामने छोटे तो कहीं बड़े बन जाते हैं। क्या यह मुमकिन नहीं कि हम सबके साथ समान व्यवहार करें। यह तभी संभव होगा, जब हम सब को आत्मा ही समझेंगे। यहां सभी के किरदार अलग हैं, लेकिन आत्मा एक है। इससे अहंकार कम हो जाएगा।
जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने मंगलवार को बिशप मंडल इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि जब हम सिक्योरिटी गार्ड से मिलते हैं तो हमारा व्यक्तित्व अलग होता है। अगले ही पल, जब बॉस से मिलते हैं तो वहां हम खुद को अलग रूप में दर्शाते हैं। इससे निजात तभी मिलेगी जब हम सबसे आत्मा के रूप में देखेंगे। कलयुग हमने बनाया है। सतयुग भी हमें ही बनाना है। आजकल स्कूली बच्चों के मन की स्थिति बिगड़ रही है। ऐसेे में उनके भविष्य पर विचार करना होगा। हमें श्रृष्टि परिवर्तन करना चाहिए। संस्कार से संसार बनता है। हमें संस्कारों में सतयुग बनाना है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि कुछ भी करते हुए खुशी गायब नहीं होनी चाहिए। हमें हर हाल में खुश रहना है और दूसरों को भी खुशी देनी है। इससे पहले ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच से आह्वान करने पर लोगों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर दीप प्रज्ज्वलन में शिरकत की। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। इस दौरान राधा, पार्वती, पंकज आनंद, संजय आनंद, लधानी सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।



