बरेली

पिता का कबूलनामा: इश्क में बागी हो गई थी बेटी… मारते न तो क्या करते? जिंदा बचने पर दुल्हन के बाप को अफसोस

Connect News 24

Police Arrested Father and brother in law who tried to kill daughter by acid attack in bareilly

घटना स्थल पर पुलिस अधिकारी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में मरणासन्न हालत में मिली शाही की युवती के पिता ने दिन भर गोलमोल बातों के बाद शाम ढलते ही गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस से कहा कि वह लोग तो मरा समझकर छोड़ आए थे, बेटी जाने कैसे बच गई। तोताराम ने बताया कि बेटी को गांव का ही युवक पिछले साल अप्रैल में फुसलाकर ले गया था। 

युवक उन्हीं की बिरादरी का था तो आपसी समझौते के तहत तीन दिन बाद वह बेटी को ले आया। दस दिन बाद दोबारा बेटी उसके साथ चली गई। इस बार ये लोग एक सप्ताह में वापस लौटे। इससे उसकी गांव में काफी बदनामी हुई थी। तब से उसने सोच लिया था कि बेटी की कहीं और शादी कर देगा।

दोनों दामाद छेदालाल और दिनेश के साथ मिलकर उसने कई रिश्ते देखे। फिर भमोरा के गांव नत्था की गौटिया निवासी दामाद दिनेश ने ही अपने पड़ोस के गांव भगवानपुर (जिला बदायूं) में देवेंद्र से रिश्ता तय कराया। बेटी प्रेमी से ही शादी पर अड़ी थी पर उन्होंने किसी तरह निगरानी कर उसे रोक रखा था। बवाल के डर से गांव में बरात नहीं बुलाई। 

इसी 22 अप्रैल को शाही के पास मिर्जापुर के बरातघर में बरात आई। बेटी ने रात भर ड्रामा किया। फिर बीमारी का बहाना कर फेरे नहीं लिए। उन्होंने भी देवेंद्र के साथ जबरन उसे गाड़ी में बैठाकर विदा किया। वह घर पहुंचे ही थे कि देवेंद्र की कॉल आ गई। कहा कि आपकी बेटी किसी से नहीं बोल रही, आप आकर देख लो। तब वह बाइक से बेटे प्रेम कुमार के साथ 23 अप्रैल की सुबह बेटी की ससुराल पहुंच गए। 


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