रामपुर

खाद संकट : किसान परेशान, सूख रहे अच्छी फसल के अरमान

Connect News 24

रामपुर। जिले में डीएपी के बाद अब यूरिया का संकट गहराया हुआ है। अधिकांश साधन सहकारी समितियां एवं इफ्को केंद्र यूरिया न होने की वजह से सूने पड़े हैं और किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों ने अफसरों से यूरिया उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। किसानों को समय पर खाद न मिलने से फसल अच्छी न होने का डर सता रहा है।

गेहूं बुवाई के सीजन में शुरुआत के 15 दिन किसान डीएपी की समस्या से जूझते रहे। किसानों ने जैसे-तैसे डीएपी हासिल कर ली और गेहूं की बुवाई कर ली। अब किसान गेहूं की फसल की सिंचाई कर रहे हैं और उससे पहले यूरिया का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन किसानों को यूरिया नहीं मिल रही है। ऐसे में फिर किसान परेशान हो रहे हैँ।

सुबह से किसान सहकारी समितियां पर पहुंच जाते हैं, लेकिन खाद न मिलने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समय से उर्वरक ही नहीं मिल पाएगा तो कैसे फसल तैयार कर पाएंगे। शनिवार को शहर से सटी किसान सेवा सहकारी समिति अजीतपुर, ककरौआ, पनवड़िया आदि पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं थी। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि यूरिया की रैक आने वाली है। समितियों एवं इफ्को केंद्रों को पहले यूरिया दी जाएगी। किसानों को यूरिया की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

इंसेट

निजी दुकानों पर हो रही अधिक वसूली

प्राइवेट उर्वरक विक्रेता 1350 रुपये में मिलने वाली डीएपी की बोरी 1600 रुपये तक का बेच रहे हैं। वहीं अब 266.50 रुपये वाली यूरिया की बोरी 300 रुपये तक की किसानों को दी जा रही है। किसान मजबूरी में खाद खरीद भी रहे हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि ओवररेट उर्वरक बेचने वाले दुकानदारों की किसान शिकायत करें। ऐसे उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

बिलासपुर में यूरिया न होने से किसान परेशान

किसान सेवा सहकारी समिति नगर व सहकारी संघ पर बीते तीन दिन से यूरिया उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण किसान परेशान हैं। खाद न होने की वजह से शनिवार को समिति व संघ का कार्यालय बंद दिखाई दिया। एडीओ कोऑपरेटिव राजनाथ सिंह ने बताया कि खाद मंगाने के लिए एडवांस में ड्राफ्ट भी भेज दिया है।शीघ्र ही खाद मंगाकर सोमवार से वितरण कराया जाएगा।

बोले किसान

मैं यूरिया खाद के लिए बीते तीन-चार दिन से समिति के चक्कर काट रहा हूं, मगर खाद नहीं मिल रही है। जिसकी वजह से मुझे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मुन्ने अहमद, किसान, ग्राम ज्वालापुर, बिलासपुर।

यूरिया खाद न मिलने की वजह से गेहूं की बुवाई पीछे हो रही है। अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।

छत्रपाल, किसान, ग्राम कनकपुर, बिलासपुर।

जैसे-जैसे खाद की उपलब्धता हो रही है उसे समितियां पर पहुंचा जा रहा है। किसानों की फसल को नुकसान न पहुंचे इसका ध्यान रखा जा रहा है।

डॉ. गणेश गुप्ता, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता।


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