शाहजहाँपुर

ओपीएस को बहाल करने को मजबूर होगी सरकार : शिवगोपाल

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शाहजहांपुर। पुरानी पेंशन योजना बहाली संयुक्त मंच की रेलवे मालगोदाम पर आयोजित ओपीएस बहाली आंदोलन आक्रोश सभा में हुंकार भरी गई। इस दौरान पुरानी पेंशन से कम कुछ भी मंजूर नहीं होने का एलान किया गया। चेताया कि शिक्षक-कर्मचारी मिलकर हड़ताल करेंगे।

आक्रोश सभा में एनजेसीए के राष्ट्रीय संयोजक कामरेड शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए किसी भी हद तक जाकर आंदोलन किया जाएगा। दस अगस्त की दिल्ली रैली के बाद केंद्र सरकार ने कमेटी बनाई है। दो बार वार्ता हो चुकी है। 14 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक में बड़े फैसले लिए जाएंगे। रेलवे की हड़ताल देश को हिलाने के लिए काफी है। कर्मचारियों में रोष और जोश बना रहे। सभी हड़ताल पर जाएंगे तो सरकार पुरानी पेंशन बहाल करेगी। हालात कोई भी बनें, पुरानी पेंशन को बहाल कराएंगे। क्रांति की धरा से संकल्प लेकर अपने मकसद में कामयाब होंगे।

एआईआरएफ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एमपी चौबे ने कहा कि रेलवे की हड़ताल सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर करेगी। अभी जो सरकार पुरानी पेंशन बहाली पर मनमानी कर रही है। इससे हर कर्मचारी गुस्से में है। यह उबाल देश व्यापी हड़ताल में दिखेगा।

नरमू के मंडल मंत्री राजेश चौबे ने कहा कि युवा कर्मचारी जोश के साथ अपनी मांग पर डटे रहे।

रत्नाकर दीक्षित के संचालन में हुई सभा में अंकुर त्रिपाठी, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय,नरमू के मंडल अध्यक्ष मुरादाबाद मनोज शर्मा,जिला संयोजक नरेंद्र त्यागी, जागेश पाली, मगरे लाल ने विचार रखें। इस मौके पर अहमद मुबीन, रघुनंदन, सुनील मौर्या, दिनेश गंगवार, विश्राम सिंह, गौरव पांडेय आदि मौजूद रहे।

मांग नहीं मानी तो पूरा भारत होगा बंद : एनजेसीए के राष्ट्रीय संयोजक कामरेड शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग अवश्य पूरी होगी। चाहे यह सरकार करें या फिर कोई अन्य सरकार करेगी। सरकार को 2004 के बाद के शिक्षक और कर्मचारियों को उनके बुढ़ापे की लाठी को नहीं छीनना चाहिए। हमारी राजनीतिक लड़ाई नहीं है। पेंशन को बहाल करने वाली पार्टी ही देश पर राज करेंगी। सरकार हमारी मांग अवश्य मानेगी, किसानों की तरह इंतजार नहीं करेगी। मिश्रा ने कहा कि 21 और 22 नवंबर को हड़ताल के पक्ष के लिए वोट डाले जाएंगे। मांग को नहीं माना गया तो पूरा भारत बंद रहेगा। उनके साथ अभी तक 36 संगठन पुरानी पेंशन की बहाली के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।


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