बदायूं

सुप्रीम आदेश : डकैती कोर्ट में समर्पण करें पूर्व ब्लॉक प्रमुख गुरु व बेटा विकास

Connect News 24

बदायूं। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और एमएम सुंदरेष की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट में दायर मामले में सुनवाई करते हुए उझानी के पूर्व ब्लाॅक प्रमुख और उसके बेटे को डकैती कोर्ट में एक माह के अंदर समर्पण करने का आदेश दिया है।

कोतवाली उझानी के गांव अल्लापुर निवासी विद्दम सिंह ने 28 अगस्त 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई चोब सिंह और बबलू की लूट के बाद हत्या कर दी थी। दोनों बैंक में पैसा जमा करने जा रहे थे। उन्होंने थाना कादरचौक के गांव टुंगसैंया निवासी कृष्णपाल उर्फ गुरु और उनके पुत्र विकास के अलावा राजू, सुरेश, नन्हे, छोटे, राजेंद्र, आराम सिंह, मुनीश और पप्पू को नामजद कराया था। पुलिस ने कृष्णपाल उर्फ गुरु और विकास को विवेचना के दौरान क्लीन चिट दे दी थी।

स्पेशल जज डकैती कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश संजय कुमार ने नन्हे, सुरेश, राजू, राजेंद्र, छोटे, आराम सिंह, पप्पू और मुनीश को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वादी ने कृष्णपाल और विकास को 319 सीआरपीसी के तहत तलब कर अदालत में आरोपी बनाया था।

कृष्णपाल ने हाईकोर्ट से मामले में स्थगन प्राप्त कर लिया था। बाद में हाईकोर्ट इलाहाबाद के न्यायमूर्ति विवेक कुमार ने पूर्व ब्लाॅक प्रमुख कृष्णपाल और उनके जिला पंचायत सदस्य पुत्र विकास के स्थगन आदेश को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने पूर्व में आरोपी पिता-पुत्र को एक माह के अंदर कोर्ट में जमानत के लिए हाजिर होने का आदेश दिया था।

इसके बाद आरोपी पूर्व ब्लाॅक प्रमुख कृष्णपाल उर्फ गुरु ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 26 सितंबर 2023 को अपने सुप्रीम आदेश में आरोपी पूर्व ब्लाॅक प्रमुख और उनके पुत्र पूर्व जिला पंचायत सदस्य बेटे विकास को एक माह में डकैती कोर्ट की अदालत में समर्पण करने का आदेश दिया है।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button