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होता रोजगार तो न बिखरते परिवार

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होता रोजगार तो न बिखरते परिवार


By: Inextlive | Updated Date: Fri, 18 Aug 2023 01:19:58 (IST)




परिवार परामर्श केंद्र में एक ही पैटर्न के आ रहे ज्यादातर केस, आर्थिक तंगी बन रही पारिवारिक कलह की वजह

बरेली (ब्यूरो)। सीमित आय और ऊपर से महंगाई आम आदमी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। कम आय में घर की जरूरतें पूरी न होने से परिवार में टेंशन क्रिएट हो रहा है। यही टेंशन पति-पत्नी के बीच झगड़े का कारण बन रहा है। धीरे-धीरे स्थितियां बिगडऩे पर पुलिस तक मामला पहुंच रहा है। पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में आए दिन ऐसे तमाम केस पहुंच रहे हैैं।

कम अर्निंग झगड़े की बड़ी वजह
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी आयशा बताती हैैं कि उनके पास हर उम्र के कपल्स आते हैैं। कम एज के अधिकतर कपल्स में अर्निंग को लेकर प्रॉब्लम्स होती हैं। तमाम ऐसे केस भी आते हैैं, जहां पति के पास समुचित रोजगार नहीं होता है। इस वजह से परिवार में झगड़े होते हैैं। कई मामलो में आमदनी कम होने की वजह से परिवार में कलह होता है। कुछ मामले पति के नशे का आदी होने के भी आते हैैं। ऐसे केसेस में लंबे समय तक काउंसलिंग की जाती है।

बड़ी उम्र के लोगों के भी आ रहे केस
वहीं अधिक उम्र के कपल्स आते हैैं कि बेटा-बहू सपोर्ट नहीं करते हैैं। अधिक उम्र के कपल्स में अलगाव का एक बड़ा कारण यह भी है कि उनमें से कोई बहू की तरफदारी करने लगता है। ऐसे में उस दंपति के बीच पहले मनमुटाव होता है और बाद में झगड़ा तक होने लगता है। इसके चलते दोनों के बीच दशकों पुराना रिश्ता तक टूट जाता है।

मिलती हैै नई राह
पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में कपल के बीच के मनमुटाव को काउंसलर के माध्यम से कम किया जाता है। केंद्र का प्रयास होता है कि ज्यादा से ज्यादा कपल एक-दूसरे के साथ रहने के लिए राजी हों। उन्हें केंद्र द्वारा एक बार फिर खुशी-खुशी जीने की राह सिखाई जाती है। एक माह में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र ने 25 परिवारों को टूटने से बचाया है और उन्हें साथ जीने के लिए प्रेरित किया। विगत छह माह में केंद्र में 577 मामले आ चुके हैैं। इनमें से 128 मामलों को सुलझाया जा चुका है। यहां प्रतिदिन औसतन 15 केसेस आते हैैं।

समझाते हैैं परिवारों को
केंद्र प्रभारी एसआई आयशा ने बताया कि आपसी विवाद को निपटाने के लिए दोनों ही पक्षों को परिवार परामर्श केंद्र बुलाया जाता है। विशेषज्ञों द्वारा उन्हें समझाया जाता है। प्रयास होता है कि वे आपस में खुशी-खुशी रह सकें। इसके लिए दोनों पक्षों को तब तक बुलाया जाता है, जब तक उनके बीच का विवाद खत्म नहीं हो जाता।

पिछले एक महीने में 25 परिवारों को टूटने से बचाया गया है। इसके लिए ऐसे जोड़ों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उनसे कहा गया कि कोई और अगर इस तरह का विवाद उनकी नजर में हो तो पुलिस को अवश्य बताएं।
मुकेश प्रताप सिंह, एसपी क्राइम

केंद्र पर प्रतिदिन एवरेज 10 से 15 केसेस आते हैैं। हमारा प्रयास रहता है कि कपल्स को खुशी-खुशी वापस भेजा जा सके। परामर्श केंद्र की टीम ने विगत छह माह में 128 घरों को फिर से बसाने में मदद की है।
-आयशा, एसआई, परामर्श केंद्र प्रभारी


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