रामपुर: पूर्व सांसद जया प्रदा के आचार संहिता उल्लंघन मामले की सुनवाई, हेड कांस्टेबल ने दर्ज कराए बयान

रामपुर की पूर्व सांसद जया प्रदा
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रामपुर की पूर्व सांसद जया प्रदा के खिलाफ स्वार थाने में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बुधवार को हेड कांस्टेबल इमरान अली ने अपने बयान दर्ज कराए। जया प्रदा के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी जिरह पूरी हो गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
वर्ष 2019 में पूर्व सांसद जया प्रदा के खिलाफ स्वार और केमरी में आचार संहिता उल्लंघन के मामले दर्ज हुए थे। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इन मामलों में पूर्व सांसद जमानत पर चल रही हैं। बुधवार को इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में हुई।
सुनवाई के दौरान गवाह हेड कांस्टेबल इमरान अली ने अपने बयान दर्ज कराए। जया प्रदा के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने गवाह से जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
छात्रा से छेड़खानी के दोषी को तीन वर्ष की सजा
रामपुर में छात्रा से छेड़खानी करने वाले आरोपी को दोषी मानते हुए कोर्ट ने बुधवार को तीन वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर नौ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। मामला केमरी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी कक्षा दस की एक छात्रा ने केमरी थाने में तीन जनवरी 2022 को रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि पढ़ने जाते समय गांव के ही प्रवेश ने उसका हाथ पकड़ा और उसके साथ छेड़खानी की।
पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मो. रफी की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने दोनो पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी प्रवेश को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की कैद और नौ हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।