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कैसे सुपरस्टार बनने के बाद भी जमीन से जुड़े रहे सुनील शेट्टी?

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Suniel Shetty On Basic Lifestyle: सुनील शेट्टी ने 1992 में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. जिसके बाद उन्होंने धड़कन, हेरा फेरी, बॉर्डर जैसी कई बेहतरीन फिल्में बॉलीवुड के नाम कीं. 90 के दशक में सुनील शेट्टी के प्रति फैंस की दीवानगी देखते ही बनती थी. हालांकि इन सब के बाद भी एक्टर हमेशा जमीन से जुड़े रहे और कभी लग्जरी लाइफस्टाइल को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. अब सुनील शेट्टी ने इसपर खुलकर बात की है और बताया है कि कैसे वो हमेशा जमीन से जुड़े रहे.

बचपन से ही सिखाई गई बचत – सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी ने हाल ही में अपने लिंक्डइन अकाउंट पर अपने दिल की बात शेयर करते हुए बताया, ‘आज मैं आपसे पैसे के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात करना चाहता हूं. जब में बड़ा हुआ तब मेरे परिवार का जीवन स्तर बहुत ही बुनियादी था. हमारे पास बहुत कुछ नहीं था, बस काफी था. हमारे पास निश्चित रूप से वैसी सुख-सुविधाएं नहीं थीं, जिन्हें आज हम हल्के में लेते हैं. हालांकि, मेरे माता-पिता ने, जिस तरह से वे रहते थे और काम करते थे, उन्होंने मेरी बहनों और मुझे आगे की जिंदगी के लिए बचत और निर्माण का महत्व बताया.

मुझे लगता है कि बचत हमारी डिफ़ॉल्ट सेटिंग थी और अब भी ऐसी ही बनी हुई है. पापा अपने करियर में काफी अच्छा कर रहे थे फिर भी हमारी लाइफस्टाइल में कोई बड़े बदलाव नहीं आए. वो उस समय हमें बेहतर संस्कार देने के लिए लग्जरी लाइफ से अलग हो चुके थे, बस इसके बाद हमारी लाइफ में एक ही बदलाव हुआ और वो ये था कि हमें हमारा घर मिल गया था और हम उसमें शिफ्ट हो गए थे.’

क्यों लग्जरी लाइफस्टाइल से दूर रहे सुनील शेट्टी?
सुनील शेट्टी ने आगे बताया, ‘जब मैं अब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे एहसास होता है कि मेरे माता-पिता पैसे को लेकर अपने नजरिये को लेकर कितने स्पष्ट थे. उन्होंने ये देखा कि उनके पास जो कुछ भी ज्यादा था, वो ज्ञान और अनुभवों के माध्यम से अपने बच्चों की लाइफ को आगे ले जाने, व्यवसाय बढ़ाने और लोगों की मदद करने में लगा. जब मैंने फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री ली और ज्यादा पैसे कमाना शुरु किया, तब तक मैं पैसे की बचत करना सीख चुका था. मुझे लग्जरी लाइफस्टाइल जीने का कभी-कभी लालच होता था, लेकिन मेरे मिडिल क्लास लाइफस्टाइल ने मुझे ये सोचने पर मजबूर किया कि मैं फ्यूचर का सोचकर निर्णय लूं.’

‘मैं अपनी सीमाएं जानता हूं’
सुनील शेट्टी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, ‘इससे काफी मदद मिली कि माना की भी ऐसी ही सोच थी और एक साथ हम काफी नियमों में रहते थे. हम खर्च और इन्वेस्ट सोच-समझकर करते थे. हम बीच-बीच में कुछ ऐशो-आराम की चीजों में भी पड़ जाते थे, लेकिन आज तक हमारा सबसे बुद्धिमानी भरा निवेश हमारा घर और बच्चों की पढ़ाई रहा. मन और मैं कम समय में की गई फिजूलखर्ची से ज्यादा फ्यूचर को महत्व देता हूं. मैं अपनी सीमाएं जानता हूं और हर उस चीज से दूर रहता हूं जो मेरे लिए जरूरी नहीं है.’

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