आईएएस और आईपीएस की नौकरी छोड़ ये लोग बने इंटरप्रेन्योर, आज बड़े-बड़े बिजनेस के मालिक
IAS अधिकारी बने उद्यमी: भारत में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की शान-शौकत करने वाली एक बड़ी नौकरी के रूप में पहचान है। आईएएस बनने का सपना ज्यादातर छात्र का होता है, इसमें कुछ ही लोगों का चयन होता है। इसमें एक बार चयन होने के बाद किसी और करियर के बारे में सोचने की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि भारत में कुछ ऐसे भी आईएएस और आईपीएस रहे, जिन्होंने नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू किया और इंटरप्रेन्योर बन गए। यहां कुछ ऐसे ही आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बारे में बताया गया है।
सबसे कम उम्र के आईएएस अधिकारी रोमन सैनी
रोमन सैनी 2014 में सबसे कम उम्र के IAS अधिकारी बने थे। उनके पहले प्रयास में ही फेसबुक सी सिविल सेवा परख को क्रैक कर लिया गया था। इससे पहले उन्होंने 16 साल की उम्र में एम्स प्रवेश परीक्षा पास की और एमबीबीएस पूरा किया था। डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने एनडीडीटीसी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया।
आईएएस बनने के बाद ये मध्य प्रदेश में कलेक्टर के रूप में नियुक्त हुए। इसके बाद इंटरप्रेन्योर बनने के लिए ये नौकरी भी छोड़ दी। उन्होंने एक ऑनलाइन कोचिंग प्लेटफॉर्म Unacademy की स्थापना की और आज के समय में यह एक सफल ऑनलाइन कोचिंग सेंटर बन गया है।
पुलिस आयुक्त की नौकरी छोड़ी
राजन सिंह ने अपनी आठ साल की सेवा के दौरान तीन साल तक तिरुवनंतपुरम पुलिस आयुक्त के रूप में काम किया था। पार्टनरशिप में आजने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। 2016 में उन्होंने एक ऑनलाइन लिंकिंग प्लेटफॉर्म कॉन्सेप्ट लॉन्च किया, जो छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करता है।
सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए छोड़ दिया आईएएस का पद
फैमिली से डॉक्टर सैयद सबहत अजीम 2000 अटैचमेंट के आईएएस अधिकारी बने थे। बाद में उन्होंने इन सेवाओं को छोड़ दिया और ग्लोकल मिरर्स पेश किए। यह एक हेल्थ सर्विस चेन है, जो सस्ती हेल्थ सर्विस देती है। ग्लोकल के देश में 11 अस्पताल हैं।
भाजी के लिए आईएएस अधिकारी का पद छोड़ दिया
प्रवेश शर्मा 1982 फ़ोटेट के आईएएस अधिकारी थे। वे 2016 में स्वेच्छा से अपनी सेवा से डरे हुए रूटीन, वसंत और वसंत ऋतु में एक अनुकरणीय शुरुआत की। इसका सभी उद्देश्य के लिए उचित मूल्य पर सामान उपलब्ध था।
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