परमात्मा की सर्वोत्तम कृति है मानव : प्रभुदयाल
शाहजहांपुर। बाबा विश्वनाथ यात्री निवास पर बृहस्पतिवार से रामाश्रम सत्संग, मथुरा का तीन दिवसीय अवतरण वर्ष समारोह की शुरुआत हो गई। आचार्य प्रभुदयाल ने कहा कि परमात्मा की सर्वोत्कृष्ट कृति मानव है। यह जीवन विकास की पाठशाला है।
प्रथम सत्र में आए साधकों का स्वागत करते हुए आचार्य श्याम मोहन टंडन ने कहा कि जनपदवासियों का परम सौभाग्य है कि सत्संग प्रणेता परमसंत डॉ. चतुर्भुज सहाय का उत्सव मनाया जा रहा है। इसमें मथुरा परिवार से संत अमित कुलश्रेष्ठ, टूंडला से प्रभुदयाल शर्मा, कृष्णकांत शर्मा, संजय, प्रदीप, पिंटू अपने परिवारों के साथ आए हैं। इसी सत्र में अहमदाबाद से आए आचार्य राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि परमात्मा की महान कृपा है कि हम सबको अपने महान समर्थ गुरु परमसंत डॉ. चतुर्भुज सहाय के अवतरण में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जिन्होंने अपने गुरु लाला जी रामचंद्र जी महाराज, फतेहगढ़ के आदेश पर इस रामश्रम सत्संग का बीजारोपण किया। इसके बाद टूंडला के पं. मिहीलाल ने कहा कि साधना के निरंतर अभ्यास से मन, बुद्धि, चित्त के अहंकार दूर हो जाते हैं। रामाश्रम सत्संग समारोह में भोजन निर्माण तथा वितरण की व्यवस्था पंकज टंडन के नेतृत्व में हो रही है। किरन मिश्रा, संतोष शर्मा, माधुरी वर्मा, सुमन रानी, शांति गुप्ता, कलावती, मीनाक्षी सिंह आदि का सहयोग रहा। अन्य व्यवस्था में एडवोकेट राम खिलावन त्रिपाठी का सहयोग रहा। सत्संग 17 नवंबर को सुबह नौ से शाम सात बजे तक और 18 नवंबर को सुबह नौ से 11 बजे संपन्न होगा।