कलीनगर नगर पंचायत : कांटे की टक्कर में 59 मतों से जीतीं कांग्रेस की माया देवी
– विधायक की पुरजोर कोशिश के बाद भी चौथे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। कलीनगर में कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी ने 59 मतों से जीत दर्ज कर नगर पंचायत में सातवें चेयरमैन के रूप में सफलता पाई। यहां शुरुआत से बढ़त बनाए निर्दलीय प्रत्याशी शांति देवी अंत में हार गईं। माया देवी को 1723 मत मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहीं शांति देवी को 1664 मत मिले।
कलीनगर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इसमें भाजपा से बेलामती और कांग्रेस से माया देवी के अलावा नौ निर्दलीय उम्मीदवार थे। मतदान से पूर्व नगर का चुनाव चार उम्मीदवारों के बीच सिमट कर रह गया। जिसमें भाजपा, कांग्रेस के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी शांति देवी और संगीता आर्य के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला माना जा रहा था।
मतगणना के दौरान पहले राउंड से ही निर्दलीय प्रत्याशी शांति देवी 200 से अधिक मतों की बढ़त बनाकर आगे रहीं। शुरुआत के तीन राउंड में शांति देवी और भाजपा की बेलामती के बीच 150 से 200 मतों के अंतर से खींचतान चलती रही। लेकिन अंत के दो राउंड में कांग्रेस की माया देवी बढ़त लेकर पहले पायदान पर पहुंच गईं। शांति देवी दूसरे स्थान पर आ गई। जबकि दूसरे नंबर पर चल रहीं भाजपा प्रत्याशी बेलामती चौथे स्थान पर पहुंच गईं। निर्दलीय प्रत्याशी संगीता आर्य तीसरे स्थान पर रहीं।
कलीनगर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी
कांग्रेस मायादेवी 1723
निर्दलीय शांति देवी 1664
निर्दलीय संगीता आर्य 1374
भाजपा बेलामती 1260
निर्दलीय फूलमती 55
निर्दलीय विद्यादेवी 59
निर्दलीय ऊषा देवी 133
निर्दलीय शांति देवी 159
निर्दलीय अंजली देवी 44
निर्दलीय गीता देवी 149
निर्दलीय गंगा देवी 29
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सभासद निर्वाचित
विजेता प्रतिद्वंद्वी
वार्ड 1-लक्ष्मी देवी (348) नन्हीं देवी (309)
वार्ड 2- सुखदेव (176) रामदास (106)
वार्ड 3- सावित्री देवी (293) अनीता देवी (220)
वार्ड 4- महावीर (275) मंजू देवी (189)
वार्ड 5- अर्चना देवी (170) नीतू देवी (137)
वार्ड 6- राकेश कुमार (169) फरियाद (132)
वार्ड 7- मीरा देवी (418) चांदनी (313)
वार्ड 8- दीनदयाल (109) राजीव (100)
वार्ड 9- रईस खान (322) जुनैद खां (209)
वार्ड 10- शमीम बेगम ( 207) जहीन (167)
इसलिए हुई जीत
पति राजेश भारती नगर पंचायत की राजनीति में पहले से ही सक्रिय रहे। मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए कांग्रेस से टिकट लेने में कामयाब रहे। मुस्लिम मतदाताओं का विभाजन रोकने के लिए हर हथकंडे अपनाए, लेकिन मुस्लिम बहुल इलाके में उनकी सक्रियता काम आई। अंत में मुस्लिम मतों से ही उनकी जीत तय हुई। – माया देवी, कांग्रेस
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शांति देवी के हार के कारण
बिरादरी के मतों में सेंधमारी अधिक रही। भाजपा प्रत्याशी के अलावा पांच अन्य उम्मीदवार बिरादरी से जुड़े हुए थे। निर्णायक भूमिका में रहे मुस्लिम मतदाताओं का रुझान आखिरी समय में कांग्रेस प्रत्याशी के साथ चला गया। जो हार का मुख्य कारण बना। – शांति देवी, निर्दलीय प्रत्याशी

