मिलिए ‘पैड वुमेन’ से: किशोरियों की दुश्वारियां देखी नहीं गईं तो राखी ने शुरू की अनूठी पहल, बनाया पैड बैंक

शिक्षिका राखी गंगवार ने बनाया पैड बैंक
– फोटो : अमर उजाला
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बरेली के प्राथमिक विद्यालय बौरैया की शिक्षिका राखी गंगवार ने ग्रामीण क्षेत्र में किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए अनूठी पहल की है। आर्थिक तंगी के चलते ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं और किशोरियां मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड का उपयोग नहीं कर पातीं। शिक्षिका ने उनको हर माह पैड उपलब्ध कराने के लिए पैड बैंक बनाकर सोमवार से इसकी शुरुआत कर दी।
शिक्षिका ने बताया कि जब उन्हें किशोरियों से पता चला कि वे मासिक धर्म के दौरान खराब कपड़ों का इस्तेमाल करती हैं तो लगा कि यह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे होने वाले नुकसान को बताने और जागरूक करने के लिए कार्यशाला लगाई गई। कार्यशाला में पता चला कि उनकी आर्थिक तंगी ही इसके पीछे की प्रमुख वजह है। इसके बाद उन्होंने इस परेशानी को दूर करने का जिम्मा उठाया।
छात्राओं को निशुल्क वितरित किए पैड
सोमवार को भदपुरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बौरैया में हमारी किशोरी हमारी शक्ति पैड बैंक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि एसआरजी लक्ष्मी शुक्ला और शिक्षिका राखी गंगवार ने छात्राओं को निशुल्क पैड वितरित किए। यह आश्वासन भी दिया कि पैड बैंक की मदद से उन्हें हर माह निशुल्क पैड दिए जाएंगे।



