मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान: चुनौतियों से हार रही जिंदगी….हर दूसरे दिन मुरादाबाद जिले में एक खुदकुशी

अमर उजाला मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
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अवसाद का मर्ज इतना गंभीर रूप ले चुका है कि लोग छोटी-छोटी बातों पर मौत को गले लगा रहे हैं। आत्महत्या के आंकड़े बता रहे हैं कि जल्द कुछ नहीं किया गया तो नतीजा और गंभीर होगा। कोई बेरोजगारी से परेशान था तो कोई नशे के चंगुल में फंसा था।
किसी को परिजनों का ताना इतना चुभा कि उसने मौत को चुन लिया। मुरादाबाद में ही इस साल आठ महीने में खुदकुशी करने वालों का आंकड़ा 153 पहुंच चुका है। यानी हर महीने करीब 19 लोगों ने जान दी। वहीं, रामपुर में सात, अमरोहा में आठ और संभल में 70 लोग आत्महत्या कर चुके हैं।
चिंताजनक बात यह है कि आंकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। जबकि, ऐसी कई जिंदगियों को बेहद आसानी से बचाया जा सकता था। जरूरत थी महज कुछ प्यार की और बातचीत बढ़ाने की। बस उन्हें रोने के लिए किसी का कंधा नहीं मिला और वे जिंदगी से हार गए।