मनरेगा : नवंबर में 72 फीसदी ग्राम पंचायतों में हुए काम
रामपुर। जिले में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले विकास कार्य रफ्तार पकड़ रहे हैं। शासन से नवंबर माह में ग्राम पंचायतों में मनरेगा से हुए विकास कार्यों की रिपोर्ट जारी हुई है। इसमें रामपुर ने 72 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से रोजगार देकर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। सोनभद्र और ललितपुर जिले 86 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से विकास कार्य कराकर प्रदेश में पहले स्थान पर काबिज हैं।
मनरेगा आयुक्त ने 30 नवंबर तक मनरेगा से कराए गए विकास कार्यों के आधार पर जिलों की रैंक जारी की है। पश्चिमी यूपी में मनरेगा लड़खड़ा रही है। वहीं पूर्वांचल और रुहेलखंड के जिलों में मनरेगा से लगातार रोजगार मुहैया कराए जा रहे हैं। सोनभद्र और ललितपुर ने 86 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से विकास कराकर प्रदेश में पहले स्थान हासिल किया है।
शाहजहांपुर ने 81 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से रोजगार देकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। मऊ, आंबेडकर नगर और बलरामपुर की 77 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से काम हुए हैं। तीनों जिलों संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। 72 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से विकास कार्य कराकर रामपुर चौथे स्थान पर है। हमीरपुर ने 71 फीसदी ग्राम पंचायतों में मनरेगा से श्रमिकों को रोजगार देकर प्रदेश में पांचवें स्थान हासिल किया है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और भूमि संरक्षण की दिशा में तमाम कार्य हो रहे हैं।
इनसेट
पांच फिसड्डी जिले पश्चिमी यूपी के
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में तो मनरेगा से किसी ग्राम पंचायत में कोई काम नहीं हुआ। हापुड़ मेें पांच, बागपत में सात और शामली में सिर्फ 24 फीसदी ग्राम पंचायतों में काम हुआ है। मनरेगा श्रमिकों के आधार फीडिंग में भी रामपुर टॉप 10 में शामिल है। यहां पर 99 प्रतिशत श्रमिकों के आधार फीड हो चुके हैं। जिले में मनरेगा में पंजीकति 1,87,510 श्रमिकों में से 1,86,223 के आधार प्रमाणित हो चुके हैं।
सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। ज्यादातर ग्राम पंचायतों में काम चल रहे हैं। जो ग्राम पंचायत बची हैं वहां वर्किंग साइट चिह्नित की जा रही हैं। इसी महीने हर ग्राम पंचायत में मनरेगा से विकास के काम होंगे।
– मंसाराम यादव, डीसी मनरेगा।