नगर निगम: अफसर आश्वासन देते रहे, सड़कों के छोटे गड्ढे बड़े हो गए
बरेली। पहले दो वर्ष तक कोरोना रहा, फिर नगर निगम के चुनाव का बहाना आ गया। करीब एक वर्ष चुनाव में बीत गया। इस तरह तीन वर्ष से नगर निगम के भीतरी क्षेत्र की कई सड़कों को गड्ढा मुक्त नहीं किया गया। जिम्मेदार सिर्फ आश्वासन देते रहे। छोटे-छोटे गड्ढे बड़े-बड़े हो गए। आवागमन में खतरा बढ़ गया है। लोग खुद संभलकर न चलें तो कहीं भी गिर सकते हैं।
स्थिति यह है कि डीडीपुरम की पॉश कॉलोनी का इलाका हो या सुभाषनगर की घनी आबादी का क्षेत्र। गौटिया की मलिन बस्ती हो या फिर संजय नगर का मुख्य मार्ग। ईंट पजाया, बदायूं रोड समेत अधिकांश क्षेत्रों में सड़कों की खस्ताहाली और गड्ढों से राहगीरों की जान जोखिम में रहती है। लोग कई बार गड्ढों में गिरे हैं पर जिम्मेदारों के पास एक ही जवाब है, हम सड़कें बनाएंगे। बजट के हिसाब से काम कराएंगे। नगर निगम की बैठक में बीते शुक्रवार को पार्षदों ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया। अधिशासी अभियंता डीके शुक्ला ने कहा कि 10 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कराएंगे, लेकिन इसकी क्या कार्ययोजना है? वह सदन में पेश नहीं कर सके। फिलहाल जो स्थिति है, उसमें ऐसा लगता है दिवाली से पहले सभी सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो पाएंगी। पार्षद राजेश अग्रवाल कहते हैं कि जब-जब सड़कों की बात कहते हैं तो बजट का इंतजार करने की बात कही जाती है। आश्वासन मिलता है। इसके बाद पार्षद इंतजार करते रहते हैं।
यह हाल है
ईंट पजाया: सड़क गायब, आवागमन में खतरा
ईंट पजाया के पास सड़क गायब हो गई है। जरा सी बारिश में आवागमन प्रभावित होता है। आसपास के लोगों ने बताया कि दो वर्ष से यही हाल है। नगर निगम के अधिकारियों से कई बार सड़क ठीक कराने की मांग की लेकिन जब सुनी नहीं गई तो चुप हो गए।
सड़क उखड़ गई, डिवाइडर गायब
माधौबाड़ी मार्ग पर तो डिवाइडर सड़क में मिल गया है। टूटी सड़क से डिवाइडर गायब है। गंगापुर आने-जाने वाले तमाम वाहन यहीं से गुजरते हैं। कारोबारी परेशान हो रहे हैं।
स्मार्ट सिटी में गड्ढा खोदा, हादसे का खतरा
अय्यूब खां चौराहे पर स्मार्ट सिटी के काम के दौरान गड्ढा खोदा गया था लेकिन इसे ठीक नहीं किया गया। पुरानी टाइल्स भर दी गईं। आवागमन के दौरान हादसे का खतरा है।
उड़ती है धूल, श्वांस लेना भी मुश्किल
बदायूं रोड पर सड़क निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव नियमित तौर पर नहीं हो रहा है। इसलिए धूल उड़ती है। आसपास के लोगों को श्वांस लेने में तकलीफ होती है। सड़क निर्माण में भी देरी हो रही है।
कोट-
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए काम होता रहता है जो सड़कें रह गईं हैं, उन्हें भी ठीक कराएंगे। बोर्ड की बैठक में अभियंताओं को आदेश दिए गए हैं।
निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त



