बदायूं

मासूम बेटे की हत्या: पिता बोले- कबाड़ खरीदने वाले से कौन रंजिश रखेगा साहब; पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज

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बदायूं के उझानी कस्बे में बहादुरगंज मोहल्ले से शुक्रवार शाम लापता आठ साल के आहिल की हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार को सड़क किनारे मक्के के खेत में मिला था। आहिल की हत्या के मामले में तहकीकात में जुटी एसओजी और कोतवाली पुलिस की टीम ने कुछेक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। अधिकतर कैमरों की फुटेज में कुछ खास हाथ नहीं लगा, लेकिन एक स्थान की फुटेज में बाईपास की ओर एक युवक के साथ मासूम जाता दिख रहा है। इसमें युवक का चेहरा साफ नहीं है। वहीं आहिल के परिजनों ने किसी से रंजिश से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। 

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आहिल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम ने बहादुरगंज मोहल्ला समेत बाईपास पर मानकपुर मोड़ से लेकर आसपास इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। मृत बालक के परिजनों और मोहल्ले के लोगों से भी जानकारी की।



सीसीटीवी फुटेज में एसओजी ने एक स्थान के फुटेज में आहिल जैसे हुलिये के बच्चे के साथ एक युवक को बाईपास की ओर जाते देखा। बताते हैं कि फुटेज में दिखने वाले युवक का चेहरा ज्यादा साफ नहीं है। पुलिस का कहना है कि बावजूद इसके उन्हें उम्मीद है वह जल्द ही आहिल के कातिल तक पहुंच जाएंगे।


शुक्रवार को आहिल जब घर नहीं लौटा तो उसकी मां चंदवी व्याकुल हो गईं। खाना पकाने के बाद वह मोहल्ले के उन तीन-चार घरों में गईं, जहां आहिल खेलने जाता था। जब कहीं पर भी मासूम का सुराग नहीं मिला तो वह अकेली ही बहादुरगंज मोहल्ले में एक मस्जिद में पहुंचीं। मस्जिद के मौलाना को उसने आहिल के लापता होने के बारे में बताया। उनके कहने पर मौलाना ने आहिल की गुमशुदगी के बारे में लाउडस्पीकर से अपील भी की।


कबाड़ खरीदने वाले से कौन रंजिश रखेगा साहब

पुलिस अफसरों ने मृतक के पिता सरवर मियां से जानकारी की उन्होंने किसी रंजिश से इन्कार किया। उनका कहना था कि उनके दो बेटियां और तीन बेटे थे। दोनों बेटियों का निकाह कर चुका है। बेटों में सबसे बड़ा शमीम मुंबई में मजदूरी करता है, तो 10 साल का रेहान कबाड़ खरीदने के काम में हाथ बंटाता है। बोला-गली-मोहल्लों में जाकर कबाड़ खरीदने का काम करता हूं, ऐसे में कोई मुझसे या फिर मेरे परिवार से किस बात की रंजिश रखेगा।

 


रुपये कम थे, शव घर ले जाने की आई दिक्कत

आहिल का शव पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने की व्यवस्था पुलिस स्तर से की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले जाने का नंबर आया तो कुछ लोगों ने सरवर से पूछा कि वाहन की व्यवस्था है। इस पर सरवर की आंखें भर आईं। उसने अपने पास पांच सौ रुपये होने की जानकारी देते हुए बताया कि रिश्तेदार की बाइक है, उसी से शव ले जाएंगे। लेकिन बाद में सरवर खुद ही किराये के वाहन का इंतजाम कर बच्चे के शव को ले गया।



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