पीलीभीत

Pilibhit: कलीनगर तहसील में गरजे किसान, बोले- ग्रामीणों के लिए काल बनता जा रहा पीलीभीत टाइगर रिजर्व

Connect News 24

Farmers protested against tiger attack in Pilibhit

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

विस्तार


पीलीभीत जिले में जंगल से बाहर बाघों की लगातार मौजूदगी से बढ़ रही परेशानी को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से सोमवार को तहसील परिसर में धरना दिया गया। पीटीआर के विरोध में नारेबाजी करने के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अक्षय यादव को सौंपा।

अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश सह सचिव अफरोज आलम व देवाशीष ने ज्ञापन देकर बताया कि पीलीभीत के जंगल को जल्दबाजी और किसानों की सुरक्षा के उपाय किए बगैर ही टाइगर रिजर्व का दर्जा दे दिया गया। ग्रामीणों की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए। अब यह पीटीआर (पीलीभीत टाइगर रिजर्व) जंगल किनारे बसे लोगों के लिए खतरा बन चुका है। ये जंगल अब जानवरों के लिए कम पड़ रहा है जिससे जानवर जंगल से बाहर आ रहे हैं। 

तीन लोगों को मार चुका है बाघ 

यही कारण है कि इंसानों पर बाघ के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव जमुनियां व रानीगंज में बीते दो-तीन माह में बाघ तीन लोगों को मार चुका है। इसके अलावा पिपरिया संतोष, डगा, सुखदासपुर समेत करीब छह से ज्यादा गांवों में बाघों की लगातार मौजूदगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं ने इस बात को लेकर भी नाराजगी जताई मुख्यमंत्री मुस्तफाबाद आए। यहां बाघ के हमले में मारे गए किसान के परिवार वालों से मिलने नहीं गए।


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button