Pilibhit News: देवहा नदी में छोड़ा गया 42 हजार क्यूसेक पानी

शहर के ब्रहमचारी घाट पर बढे जलस्तर को देखते लोग । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत । डियूनी डैम से देवहा नदी में छोड़े गए 42 हजार क्यूसेक पानी से खकरा व नावकूड़ गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने भी इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होने से डियूनीडैम का जलस्तर बढ़ गया। नानक सागर से डियूनी डैम में बीते कई दिनाें से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। यहां से पानी देवहा नदी में छोड़ा जाता है। शहर से सटकर बह रही देवहा नदी पूरे उफान पर बह रही है । डियूनी डैम व नानक सागर से बृहस्पतिवार को कई चरणों में पानी रिलीज किया गया।
दोपहर 12 बजे तक लगभग 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। शाम तक पानी यहां पहुंचना शुरू हो गया। इससे शहर के निचले इलाकों चंदोई, खकरा, पकड़िया नौगवां व इसके आसपास के गांवों में बाढ़ आने की आशंका है। हालांकि बृहस्पतिवार को स्थिति खतरे से बाहर थी लेकिन प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसडीएम सदर देवेद्र सिंह ने लेखपालों को अपने क्षेत्रों जाकर हालात पर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।
ब्रह्मचारी घाट और खकरा नदी किनारे जाकर लोग भांपते रहे हालात
देवहा नदी में पानी छोड़े जाने की खबर लगते ही दिन भर नदी किनारे रहने वाले लोग हालात पर नजर रखे रहे। लोग ब्रह्मचारी घाट व देवहा नदी किनारे जाकर बढ़ता हुआ जलस्तर देखते रहे। खकरा नदी की सीढि़यां जल स्तर बढ़ने के कारण पानी में डूब गईं थीं।
अभी नियंत्रण में हालात
बाढखंड के अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार ने बताया कि दोपहर में एक बजे 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शाम तक नदी में 30 हजार क्यूसेक पानी रह गया। नदी से जुड़े नालों में जाने की वजह से भी नदी में पानी कम हो गया है। शहर के किनारे के हिस्सों का देर शाम भ्रमण किया गया। पानी खतरे के निशान से करीब एक फुट नीचे हैं। अब पानी धीरे-धीरे कम हो गया। इसलिए हालात नियंत्रण में हैं।