Pilibhit News: अभयपुर शाहगढ़ गोआश्रय स्थल में भी भूख से तड़प रहे पशु, सचिव निलंबित

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पीलीभीत। कलीनगर के परशुराम गोआश्रय स्थल में एक महीने में 20 पशुओं की भूख और बीमारी से मौत के मामले में ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन के बाद अब पूरनपुर ब्लॉक के ही अभयपुर शाहगढ़ गोआश्रय स्थल के मामले में ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है।
सचिव की ओर से सात माह से गोवंश के भरण-पोषण के लिए बजट ही नहीं मांगा। भूख से पशुओं के बेहाल होने का अमर उजाला ने पर्दाफाश किया तब मामले की जांच कराई गई। जांच में मामला सही पाए जाने पर डीडीओ ने ग्राम पंचायत अभयपुर शाहगढ़ के सचिव को निलंबित कर दिया।
शासन की ओर से गोआश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के भरण-पोषण के लिए 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से बजट दिया जाता है। बजट तभी जारी होता है, जब संबंधित ग्राम पंचायत का सचिव मांगपत्र भेजता है। इसी बजट से पशुओं के लिए से भूसा, चोकर और हरे चारे की व्यवस्था की जाती है। गोआश्रय स्थलों में पशुओं के खानपान को लेकर कोई ध्यान ही नहीं दिया जाता है।
कलीनगर के परशुराम गोआश्रय स्थल में ऐसा ही बड़ा मामला उजागर हुआ था। इसमें दोषी पाए सचिव धर्मेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया था। इधर, 30 अगस्त के अंक में अमर उजाला ने पास के ही गांव अभयपुर शाहगढ के गोआश्रय स्थल का भी मामला उजागर किया था। यहां के सचिव ने भी सात माह से बजट के लिए मांगपत्र नहीं दिया था। ऐसे में पशुओं को चारा ही नहीं मिल पा रहा था।
खबर छपने के बाद सचिव को नोटिस जारी किया गया था। जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। जांच में सचिव की घोर लापरवाही सामने आई थी। इस पर सचिव विजय पासवान को निलंबित कर दिया गया है। जांच बीडीओ बिलसंडा को सौंपी गई गई है। जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह ने बताया सचिव की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था। सात माह से मांगपत्र न देने के कारण पशु कुपोषित हो रहे थे। इसकी रिपोर्ट सीडीओ को दी गई है।
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खंगाला जा रहा जिले में संचालित सभी 52 गोआश्रय स्थलों का रिकॉर्ड
परशुरामपुर गोआश्रय स्थल में चारे का रिकॉर्ड न मिलने व लापरवाही सामने आने के बाद अब जिले की सभी 52 गोआश्रय स्थलों के रिकॉर्ड को देखा जा रहा है। कहां खाता खुला है, कब कब बजट की डिमांड भेजी गई है, इसके अलावा अन्य गोआश्रय स्थलों से बजट के मांगपत्र को लेकर भी जांच शुरू करा दी गई है। परशुरामपुर के मामले में कार्रवाई होनी शुरू हुई तो अधिकारी चौकन्ने हो गए। डीएम की ओर से सीडीओ से हर स्तर पर जांच कराकर रिपोर्ट तलब की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और माधोटांडा के पशु चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई को लेकर पत्रावली तैयार कर ली गई है। इसे शासन को भेजा जाएगा।
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बिलसंडा में पशुओं को नसीब नहीं हो रहा हरा चारा
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बिलसंडा। नगर पंचायत की ओर से संचालित गोआश्रय स्थल में मौजूदा समय में 52 पशु संरक्षित है। यहां 36 की क्षमता बताई जा रही है। मंगलवार को जब गोआश्रय स्थल की पड़ताल की गई तो वहां कुछ पशुओं की हालत बेहद दयनीय मिली। नांद में सूखा भूसा पड़ा था। मौजूद लोगों से जब पूछा गया तो बताया कि हरे चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। दो अगस्त से हरा चारा न होने की बात कही गई। प्रभारी ईओ ऋषिकांत ने बताया इसकी जानकारी नहीं है। दिखवाएंगे कि हरा चारा क्यों नहीं मिल पा रहा है।

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