Pilibhit News: अनाज के साथ ही ग्रामीणों को मिलेंगी जनसेवा केंद्र की सेवाएं

उचित दर की दुकान एंव जन सुविधा केंद्र । स्रोत -सीडीओ
पीलीभीत। शासन ने गांवों में संचालित राशन की दुकानों को कोटेदारों के घरों से दूर करने के आदेश जारी किए थे। इसके तहत हर न्याय पंचायत में अन्नपूर्णा स्टोर खोलने के निर्देश थे। जिले में 69 गांवों में जमीन का चयन कर स्टोर का निर्माण शुरू करा दिया गया है। यहां जनसेवा केंद्र की भी सुविधाएं मिलेंगी। सर्वाधिक 17 स्टोर पूरनपुर ब्लॉक में खुलेंगे।
गांवों में संचालित उचित दर की अधिकांश दुकानें कोटेदारों के घरों में ही संचालित होती हैं। ऐसे में ग्रामीणों की ओर से समय से खाद्यान्न न देने और घटतौली सहित कई आरोप लगते रहते हैं। यही नहीं दुकान समय से न खोलने की भी शिकायतें आती हैं। इसके अलावा भीड़ होने पर कार्डधारकों को वहां पर बैठने और इंतजार करने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं मिल पाता है।
इन समस्याओं को देखते हुए शासन ने गांवों में ग्राम समाज की जमीनों पर अन्नपूर्णा स्टोर खोलने के निर्देश दिए थे। तहसील प्रशासन को जमीन को चयनित करने के लिए कहा गया था। शासन से मिले निर्देश पर जिले में पहले चरण में 75 दुकानें खोली जानी हैं। इसके लिए जमीन का चयन पूर्व में किए जाने के बाद पंचायत विभाग की ओर से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। इसमें चार का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष पर काम चल रहा है। इसके बाद शासन के निर्देशानुसार अन्य गांवों में भी स्टोर को खोला जाएगा।
इस ब्लॉक में चल रहा काम
शासन के आदेश के बाद सभी ब्लॉकों में जमीन का चयन किया गया था। इसमें सबसे अधिक पूरनपुर ब्लॉक में 17 गांवों में अन्नपूर्णा स्टोर बनाए जा रहे हैं। अमरिया ब्लॉक में 9, बिलसंडा में 9, बरखेड़ा में 8, बीसलपुर में 8, ललौरीखेड़ा में 9, मरौरी में 9 स्टोर बनाए जा रहे हैं।
अन्नपूर्णा स्टोर में ही संचालित होगा जनसेवा केंद्र
गांवों में खोले जाने वाले अन्नपूर्णा स्टोर पर ग्रामीणों को अनाज के साथ ही जनसेवा केंद्र से जुड़ी सेवाएं भी मिलेंगी। इससे ग्रामीणों का एक ही समय पर अन्य काम भी हो सकेगा। जनसेवा केंद्र खोले जाने से ग्रामीणों को आय, जाति, निवास, खतौनी सहित कई जरुरी दस्तावेजों के लिए अलग से कहीं किसी दुकान पर नहीं जाना होगा।
जिले में 75 अन्नपूर्णा स्टोर बनाए जाने हैं। इसमें 69 पर काम चल रहा है। करीब चार बन चुके हैं। जल्द काम पूरा करने के लिए समीक्षा कर स्थिति को जाना गया था। इसकी प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी



