Pilibhit News: अमृत सरोवरों की एप से हो रही जांच
– जिले में बनाए जा चुके हैं अब तक 132 अमृत सरोवर, खर्च हो चुके हैं लाखों रुपये
– अब मौके पर जाकर तीन सदस्यीय टीम कर रही जांच, 10 जून तक पूरा होना है सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। आजादी के अमृृत महोत्सव को लेकर पिछले साल जिले में अमृत सरोवरों के रूप में विकसित किए गए तालाबों की वास्तविक हालत जानने के लिए केंद्र सरकार ने पड़ताल शुरू करा दी है। इसके लिए हर ब्लॉक में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। सरकार की ओर से बनाए गए एप में हकीकत को दर्ज किया जा रहा है। यह पड़ताल दस जून तक चलेगी।
जिले में बीते एक साल में अलग-अलग ब्लॉकों में अमृत सरोवर के लिए तालाबों को चिह्नित किया गया था। चिह्नित होने के बाद उनको सात से दस लाख रुपये की लागत से विकसित किया गया। यहां पर पंचायती राज विभाग की ओर से ध्वाजारोहण के लिए झंडा स्थल, बैठने के लिए बेंच आदि का काम करवाया गया।
तालाब की खोदाई के लिए मनरेगा श्रमिकों की टीम लगाई गई। एक साल में इस तरह से 132 तालाबों की सूरत को बदलने का दावा किया जा रहा है। इसी क्रम में अब करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए तालाबों की जमीनी हकीकत जानने के लिए केंद्र सरकार ने पड़ताल शुरू कराई है। सरकार की ओर से जांच के लिए एप को लांच किया गया है।
इस एप को तीन सदस्यीय जांच अधिकारियों के मोबाइल में अपलोड किया गया है। टीम के लोग बनाए गए तालाब पर जाकर उसका निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान तालाब से संबंधित करीब दस सवालों का जवाब एप में ही दर्ज किया जा रहा है। इसमें तालाब की मौजूदा हालत, पानी है कि नहीं, सुविधाएं मौके पर क्या मिली दर्ज किया जा रहा है।
इसके अलावा वहां पर क्या खामी मिली और क्या सुधार हो सकता है इसे भी दर्ज किया जा रहा है। निर्देश है कि 10 जून तक यह कार्य हर हाल में पूरा हो जाए। इसके बाद यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जानी है।