Pilibhit News: डेंगू से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत

गांव गोरा में आयोजित स्वास्थ शिविर में दवा लेते मरीज । स्रोत- ग्रामीण
पीलीभात-बीसलपुर। यहां एक डेंगू पीड़ित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुषमा देवी की मौत हो गई। इधर जिले में चार और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
गांव रोहनिया निवासी अमित बाजपेई ने बताया कि उनकी मौसी सुषमा देवी (42) पत्नी सुधीर कुमार गांव में ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं तथा बीसलपुर की मोहल्ला हबीबुल्लाह खान शुमाली में रहतीं थी। सुषमा एक सप्ताह पूर्व डेंगू की चपेट में आ गईं। उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया । जहां 15 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई। इस बाबत पूछे जाने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि उन्हें सुषमा देवी के डेंगू से मरने की सूचना मिली है। गांव में टीम भेजी गई है। गांव में यदि बुखार के ज्यादा मरीज मिले तो वहां शिविर भी लगाया जाएगा।
इधर, जनपद में डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बुधवार को चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, जिनको इलाज लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार बुधवार को 129 मरीजों की जांच की गई। इनमें चार में डेंगू की पुष्टि हुई। जिले में अब डेंगू के 148 मरीज हो गए हैं। वहीं बुधवार को चार मलेरिया के मरीज भी पाए गए। सीएमओ डॉ. अलोक कुमार ने बताया कि जिले में लगातार डेंगू और मलेरिया की जांचें की जा रही है।
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गोरा गांव में 41 मरीज निकले बुखार से पीड़ित
पूरनपुर। गांव गोरा में बुखार के मरीज होने की सूचना पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में 233 मरीजों का परीक्षण कर दवाई बांटी गई। शिविर में 41 मरीज बुखार के पहुंचे। इसमें से 31 मरीजों की मलेरिया और 10 की डेंगू की जांच कराई गई। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि सभी मरीजों की जांच निगेटिव निकली। शिविर में डॉ. छत्रपाल, फार्मेसिस्ट आरपी मौर्या, सीएचओ प्रदीप त्यागी मौजूद रहे। संवाद

गांव गोरा में आयोजित स्वास्थ शिविर में दवा लेते मरीज । स्रोत- ग्रामीण