Pilibhit News: फर्जी अस्पताल चला रहे सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
– शुक्रवार को सील किया गया था अस्पताल
– झोलाछाप के आपरेशन से हुई थी गर्भस्थ शिशु की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलसंडा। अस्पताल में गर्भवती के आपरेशन के दौरान शिशु की मौत के मामले में फर्जी तरीके से चल रहे अस्पताल के संचालक व स्टाफ के खिलाफ सीएमओ के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस अस्पताल को शुक्रवार को सील किया गया था।
बिलसंडा सीएचसी के अधीक्षक मनीश शर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि गांव बमरौली निवासी कृष्णा अर्जित ने अपनी पत्नी को लक्ष्मी को गांव की आशा सुमन देवी के कहने पर 21 अप्रैल को ब्लॉक के सामने साईं अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां साईं अस्पताल के डॉक्टर नीरज कुमार ने एक झोलाछाप को आपरेशन के लिए बुलाया। झोलाछाप ने उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी का ऑपरेशन किया। जिसके कारण गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो गई और उनकी पत्नी की भी हालत गंभीर हो गई ।
महिला की हालत गंभीर होने उसको बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। गर्भस्थ शिशु की मौत एवं महिला की हालत गंभीर होने की शिकायत सीएमओ से की गई। सीएमओ के आदेश पर शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर जांच पड़ताल की गई। यहां स्टाफ अस्पताल संचालन का कोई अभिलेख नहीं दिखा सका। अस्पताल में कोई डॉक्टर भी नहीं मिला। जिसके चलते अस्पताल को एक दिन पूर्व ही सील कर दिया गया था।
एसओ अचल कुमार ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर नीरज कुमार, अवनीश कुमार, तौहीद खान, डॉ नूतन मल्होत्रा, अजय कुमार, सुमन, डॉक्टर अफजाल के खिलाफ मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।



