Pilibhit News: पराली को जलाएं नहीं खेत में मिलाएं, खाद का काम करेगी
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:00 AM IST

गांव कुकरा में आयोजित किसान मेले में जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक डॉ.एसएस ढाका । स्रोत – कृषि
पीलीभीत। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन जागरूकता अभियान के तहत गांव कुकरा में चेतना यात्रा किसान मेले का आयोजन किया गया। इसमें वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने किसानों को बताया कि पराली जलाएं नहीं। उसे खेत में मिलाकर जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रीना सेठी ने बताया कि एक टन पराली खेत में मिलाने पर 5.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 2.3 किलोग्राम फास्फोरस, 25 किलोग्राम पोटाश, 1.2 किलोग्राम गंधक प्राप्त होती है। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. सौरभ तोमर ने कहा कि यदि पांच किलोग्राम यूरिया का प्रति एकड़ की दर से फसल अवशेष पर छिड़काव किया जाए तो वह गल कर खाद में परिवर्तित हो जाएंगे।
पशुधन उत्पाद वैज्ञानिक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि डीकंपोजर से फसल अवशेष प्रबंधन का कल्चर तैयार करने के बाद 10 लीटर डीकंपोजर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़का जाता है। इस दौरान किसानों की खेती, पशुपालन एवं बागवानी से संबंधित समस्याओं का समाधान किया गया।



