Pilibhit News: जमीन की पैमाइश न होने से पट्टेदार नहीं शुरू कर पा रहे गेहूं की बुवाई
पूरनपुर। बाढ़ के बाद शारदा नदी की छोड़ी गई जमीन का सीमांकन न होने से गांव राहुलनगर के 79 पट्टेदार गेहूं की बुवाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। पैमाइश कराने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी नवीन खंडेलवाल ने एसडीएम को पत्र भेजा है। पत्र में संयुक्त सीमांकन करने को कहा गया है।
ग्राम पंचायत चंदिया हजारा के गांव राहुलनगर के 79 पट्टेदारों को वर्ष 1976 में ग्राम समाज की जमीन पर ढाई-ढाई एकड़ के पट्टे की जमीन दी गई थी। नदी किनारे की जमीन में बाढ़ को लेकर पिछले कई सालों से मात्र एक ही फसल होती है। वर्ष 1984 में शारदा नदी की बाढ़ में नदी का रुख बदलने पर नदी के इस पार की जमीन दूसरी ओर पहुंच गई थी। तब से पट्टेदार लखीमपुर खीरी के डीएफओ से सीमांकन कराकर जमीन पर गेहूं की फसल कर रहे थे।
नदी का रुख इस बार फिर बदलने पर शारदा नदी ने 1984 के बाद अब फिर गांव की ओर जमीन छोड़ी है। पट्टेदारों ने पिछले दिनों प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र देकर जमीन की पैमाइश कराने की मांग की थी। ताकि वे लोग पट्टे की जमीन पर गेहूं की बुवाई कर सके। डीएफओ ने समस्या को गंभीरता से लेकर एसडीएम पूरनपुर को संयुक्त पैमाइश को पत्र भेजा। मगर अब तक जमीन की पैमाइश नहीं हो सकी। इससे पट्टेदार गेहूं की फसल की बुवाई नहीं शुरू करा पा रहे हैं। पैमाइश न होने से पट्टेदारों में रोष है।
एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि डीएफओ का पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने पर जमीन की संयुक्त पैमाइश कराई जाएगी।