Pilibhit News: ड्यूटी तो कटवा ली… अब होगी पड़ताल
– चुनाव ड्यूटी कटवाने में लिखे गए कारणों की जांच के लिए बनाई जा रही कमेटी
– करीब 70 लोगों ने अलग-अलग कारणों को बताकर कटवाई थी अपनी ड्यूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। निकाय चुनाव को कराने के लिए शिक्षा विभाग सहित कई विभागों के लोगों की मतदान में ड्यूटी लगाई गई थी। ड्यूटी मिलने के बाद कई लोगों ने कोई न कोई आधार बताकर अपना नाम भी ड्यूटी से कटवा लिया। इससे वह चुनाव ड्यूटी से मुक्ति तो पा गए लेकिन अब इसकी अधिकारी पड़ताल कराएंगे। चुनाव के बाद कमेटी को बनाकर ड्यूटी कटवाने में बताए गए कारणों और समस्याओं को लेकर जांच की जाएगी। जांच में यदि कारण गलत पाया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। बता दें कि ऐसा ही शिक्षिका का एक मामला खुल भी चुका है। इसमें फर्जी कोरोना रिपोर्ट लगाने पर शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
00
शिक्षा विभाग के जिम्मेदार भी सवालों के घेरे में
चुनाव ड्यूटी कटवाने में हर संभव प्रयास के बाद भी जब शिक्षिकाओं को कामयाबी नहीं मिली तो बीएसए कार्यालय के बाबू उनके मददगार बन गए। शिक्षिकाओं ने चाइल्ड केयर लीव का प्रार्थना पत्र दे दिया। जिसे बीएसए ने बिना जांच के ही मंजूरी दे दी। मामला जब डीएम के संज्ञान मे आया ता उन्होंने ऐसी आठ शिक्षिकाओं का अवकाश निरस्त कर दिया। जांच के भी आदेश जारी कर दिए। ऐसे में शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की भूमिका भी शक के दायरे में आ गई है।
000
चुनाव में करीब 70 लोगों की ड्यूटी उनके द्वारा बताए गए कारणों के आधार पर काटी गई है। अब चुनाव के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। – – धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी



