Pilibhit News: सामान्य प्रसव पर जोर… फिर भी बढ़ रहे आपरेशन के मामले
– 40 फीसदी बच्चों का ऑपरेशन से हुआ जन्म
– अप्रैल से नवंबर तक हुए 808 आपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के अधिक से अधिक सामान्य प्रसव हों, इसको लेकर सरकार काफी जोर दे रही है। बावजूद इसके पिछले करीब छह माह में मेडिकल कॉलेज में 40 फीसदी से अधिक बच्चों का जन्म ऑपरेशन से हुआ है। वजह यह है कि नार्मल प्रसव में डाॅक्टर और स्टाफ को काफी मेहनत करनी पड़ती है।
अप्रैल 2023 में जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिला। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद अप्रैल से 20 नवंबर तक 2476 प्रसव हुए। इसमें 1668 सामान्य और 808 ऑपरेशन से हुए। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक 25 फीसदी से अधिक ऑपरेशन से प्रसव का होना चिंताजनक है, बावजूद जिले में 40 फीसदी प्रसव ऑपरेशन से हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा प्रसव सितंंबर में 158 और अगस्त 131 में हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि सरकार भले ही सामान्य प्रसव पर जोर देती है, लेकिन डॉक्टर ऑपरेशन पर ज्यादा फोकस करते हैं। सामान्य प्रसव में काफी समय लग जाता है जबकि ऑपरेशन में कुछ देर का ही काम लगता है।
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ऑपरेशन के नाम पर चलता है खेल
मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में आपरेशन के नाम पर वसूली का खेल भी चलता है। बीते दिनों एक डाॅक्टर के ड्राइवर पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगा था, जिसकी जांच चल रही है।
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माह- सामान्य- ऑपरेशन
अप्रैल- 76- 58
मई- 112- 58
जून- 147- 98
जुलाई- 228- 85
अगस्त- 241- 131
सितंबर- 277- 158
अक्तूबर- 267- 98
नवंबर- 250- 122
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मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन से प्रसव के आंकड़े किस वजह से बढ़े हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अलोक कुमार, सीएमओ