Pilibhit News: पिता ने दी जान तो दर्ज की रिपोर्ट
किशोरी बहला-फुसलाकर लेजाने वालों को संरक्षण देती रही अमरिया पुलिस
लड़के वालों की तहरीर पर किशोरी के पिता पर ही बनाया दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। अमरिया पुलिस किशोरी भगाने वालों को लगातार संरक्षण देती रही, जब कार्रवाई नहीं होने पर पिता ने जान दी तो इस मामले में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
अमरिया क्षेत्र के ग्रामीण ने नौ मई को थाने में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग पुत्री खेत को आ रही थी। रास्ते में नहर के पास बैठे गांव गूलरबोझ निवासी राहुल, शेखर और रोहित पुत्री को जबरदस्ती ले गए। इस तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, न ही किशोरी को ढूंढने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे, और पुलिस भी उनके साथ रही।
10 मई की शाम को युवकों का फूफा थाने में किशोरी लेकर पहुंचा। बाद में पुलिस ने किशोरी परिजन को सौंप दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बताया जा रहा है इसी क्रम में आरोपी पक्ष ने 16 मई को एक शिकायती पत्र अमरिया थानाध्यक्ष को दिया, जिसमें कहा गया कि किशोरी पक्ष की प्रताड़ना के कारण लड़के ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। अब पुलिस फिर किशोरी पक्ष पर दबाव बनाने लगी, जबकि किशोरी पक्ष का कहना था कि लड़के के जहरीला पदार्थ खाने की बात झूठी है।
बताया जाता है आरोपियों और पुलिस ने किशोरी पक्ष पर दबाव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी से आहत होकर बुधवार को किशोरी के पिता ने जान देदी।
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किशोरी पक्ष को लगातार दी जाती रहीं धमकियां
किशोरी के परिवार वालों ने बताया कि वह अनुसूचित जाति के हैं। आरोपियों ने जमकर दबाव बनाया। फैसला न करने की स्थिति में लगातार धमकियां दी जा रहीं थीं। जिसको लेकर भी किशोरी का पिता काफी परेशान था।
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फजीहत होने के बाद लिखा मुकदमा
घटना के बाद जब पुलिस पर आरोप लगे तो देर शाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद किशोरी पक्ष की तरफ से दुष्कर्म, किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने, पाक्सो एक्ट, साजिश रचने, एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में भी लिया है।
तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। जांच की जा रही है, जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
– अतुल शर्मा, एसपी