Pilibhit News: बाघ पकड़ना तो दूर नियमित निगरानी से भी बच रहे जिम्मेदार
कलीनगर। तहसील क्षेत्र में जंगल से बाहर घूम रहे बाघ की लगातार मौजूदगी के बीच वन विभाग के पकड़ने के दावों पर अमल तो दूर निगरानी तक में औपचारिकताएं निभाई जा रही है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर जिम्मेदारी है। सक्षम अधिकारी के न होने पर लोग बाघ के करीब तक पहुंचकर पटाखे, पत्थर फेंक रहे हैं। ऐसे में मानव के साथ बाघ की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
तहसील क्षेत्र में पिछले सात माह से बाघों की दहशत है। एक सप्ताह पूर्व सपहा गांव में बाघ ने दो दिन तक डेरा जमाया था। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को संतुष्ट न कर पाने से नाराज लोगों ने गन्ने में घुसकर पटाखे दागने के साथ पत्थर फेंके थे। दूर खड़े वाचर अपना बचाव करते रहे। दो दिन तक खेतों और मार्ग के किनारे की झाड़ियों में डेरा जमाए रहा। माना जा रहा था कि अनुमति मिलने के दावों पर अमल कर बाघ को पकड़ा जाएगा, लेकिन रेस्क्यू तो दूर कोई भी जिला मुख्यालय का अफसर नहीं आया।
दो दिन तक लोग बाघ देखने के लिए वाहनों से वहां पहुंचते रहे। झाड़ियों में छिपे बाघ को देखने के लिए करीब तक वाहनों को ले जाया गया। कई लोगों ने पत्थर भी बरसाएं, लेकिन जिम्मेदार नदारद रहे। बाघ की आबादी क्षेत्र के निकट मौजूदगी जारी है। मंगलवार रात वीरखेड़ा क्षेत्र में एमजेके डिग्री कॉलेज के पास पहुंच गया।
दो डिवीजनों की खींचतान में फंसी बाघ की निगरानी
जंगल से बाहर बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों के साथ वनकर्मी भी परेशान हो रहे हैं। सामाजिक वानिकी के वन दरोगा और वाचर मौके पर दिखाई देते हैं। पीटीआर के वनकर्मी अधिकांश जगहों से नदारद रहते हैं। जंगल से बाहर सामाजिक वानिकी की जिम्मेदारी होने की बात कहकर अपने कर्तव्यों से बचते हैं। इसको लेकर सामाजिक वानिकी में भी रोष रहता है। उनका कहना है कि बाघ जंगल का है, तो निगरानी में भी सहयोग करना चाहिए। वहीं, पीटीआर के अधिकारी नियमित निगरानी कराने का ही दावा कर रहे हैं।
चांदूपुर के पास पहुंचा बाघ
मंगलवार शाम वीरखेड़ा क्षेत्र में स्थित डिग्री काॅलेज के पास घूमता दिखाई दिया था। रात को बाघ चांदूपुर गांव की ओर निकल गया। सामाजिक वानिकी की टीम का दावा है कि बाघ चांदूपुर गांव के निकट पहुंचा। टीम ने बाघ के पैरों के निशान भी ट्रेस किया। हालांकि बुधवार को बाघ दिखाई नहीं दिया। रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ की निगरानी के लिए टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय है।

