Pilibhit News: बेरौनक होने लगा गोमती उद्गम स्थल, खराब हो गईं लाइटें

गोमती उदगम स्थल पर पोल में टूटी पड़ी लाइटें । संवाद
कलीनगर। लापरवाही और देखरेख के अभाव में गोमती उद्गम स्थल की रौनक फीकी पड़ने लगी है। रात में जगमग होने वाली बेशकीमती लाइटें खराब हो गईं हैं। खंभे भी नीचे से गलकर गिरने लगे हैं। छह माह से कैंटीन बंद होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
माधोटांडा स्थित गोमती नदी का उद्गम स्थल विकास और सौंदर्यीकरण के कई काम होने से दर्शनीय हो गया था। तत्कालीन प्रशासनिक अफसरों ने खासी दिलचस्पी लेकर उद्गमस्थल के आसपास फुलवारी के साथ ही खूबसूरत खंभे और लाइटें लगावाईं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कैंटीन का संचालन शुरू कराया गया। अब हाल यह है कि छह माह से कैंटीन बंद है। देखरेख के अभाव में सौंदर्यीकरण के लिए लगाईं गई लाइटें भी खराब हो गई हैं। जंग लगने से खंभे गिरने लगे।
पर्यटकोंं को आकर्षित करने के लिए मुख्य झील में शुरू की गई नौकायन की व्यवस्था भी बंद हो गई। विधायक निधि से लगवाया गया वाटर कूलर भी खराब पड़ा है। श्रद्धालुओं को ठंडे पानी के लिए बोतल खरीदनी पड़ती हैं। साफ-सफाई की व्यवस्था भी ध्वस्त है। कभी-कभार विशेष अभियान के तहत ही सफाई करा दी जाती है। नियमित सफाई का कोई इंतजाम ही नहीं है। इस सबके बावजूद जिम्मेदार खामोश हैं।
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डीएम की सख्ती पर शुरू हुआ पुल का निर्माण भी हो गया बंद
गोमती उद्गम स्थल के मुख्य द्वार वाले रास्ते पर पुल निर्माण के लिए मंजूरी मिल चुकी है। बजट भी जारी हो गया है। इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया। एक माह पूर्व समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा की तो पुल निर्माण शुरू न होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद आनन-फानन काम शुरू करा दिया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही बंद कर दिया गया। झील के मार्ग पर गड्ढे भी हादसे का सबब बन रहे हैं।

गोमती उदगम स्थल पर पोल में टूटी पड़ी लाइटें । संवाद