Pilibhit News: यहां तो जिले में ही अधिकारियों ने काट दिए नौकरी के छह साल
– डीपीओ, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, डीसी मनरेगा सहित करीब आधा दर्जन अधिकारी दायरे में
– शासन की तबादला नीति आने के बाद गैर जनपद भेजे जाने की शुरू हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शासन ने तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इसमें जिले में तीन साल और मंडल में सात वर्ष पूरे कर चुके अफसरोंं को अन्य जिलों में भेजे जाने की बात कही गई है। विकास भवन के करीब आधा दर्जन अधिकारी शासन की इस तबादला नीति की जद में आ गए हैं। इन अधिकारियों ने जिले में ही मंडल का दायरा पूरा कर लिया है।
डीपीओ, डीसी मनरेगा, डीएसटीओ, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने अपनी नौकरी के छह साल इस जिले में काट दिए, तो कुछ अधिकारियों के पांच साल पूरे हो चुके हैं।
जिले में तीन साल पूरे होने वाले अधिकारियों को गैर जिलों में भेजा जाएगा। इससे जिले में लंबे समय से तैनात अधिकारियों में खलबली मच गई है। जिले में तैनात अधिकारियों की बात करें तो यहां पर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद पर केपी सिंह की तैनाती है। उनके पास अल्पसंख्यक और दिव्यांग अधिकारी का भी चार्ज है। वह यहां पर जुलाई 2017 में आए थे।
इसके अलावा डीसी मनरेगा मृणाल सिंह भी यहां पर वर्ष 2017 में आए थे। जो अब तक जिले में ही डटे हुए हैं। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी नरेंद्र यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार को भी जिले में वर्ष 2017 में तैनाती मिली थी। इसके बाद वर्ष 2018 में जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार की तैनाती हुई। अब इन सभी का दूसरे जिले में जाना तय माना जा रहा है।
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पंचायत सचिवों के कार्यक्षेत्र में भी हो सकता है बदलाव
तबादला नीति के तहत जिले के ब्लॉकों में तैनात पंचायत सचिवों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव की तैयारी चल रही है। साथ ही विकास भवन में पंचायत विभाग और सीडीओ कार्यालय के पटल प्रभारियों में भी बदलाव किया जाएगा। डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया सूची को तैयार करवाया जा रहा है।