Pilibhit News: इको समितियों के सहयोग से होगा मानव-वन्यजीव संघर्ष कम

कार्यशाला में मौजूद वन विभाग के अधिकारी व कर्मी ।
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इको विकास समिति के कार्यों से संबंधित कार्यशाला का आयोजन विश्व प्रगति निधि भारत के सहयोग से किया गया। इसमें अधिकारियों ने वनकर्मियों को समितियों के स्तर से होने वाले कार्यों की जानकारी दी। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने कहा कि इको समितियां मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
कार्यशाला में विश्व प्रगति निधि भारत के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने इको विकास समिति के उद्देश्यों के बारे में लोगों को जानकारी दी। कहा, जैव विविधता संरक्षण में जन सहयोग सुनिश्चित करना, संरक्षित क्षेत्र पर स्थानीय जन के प्रतिकूल प्रभाव को कम करना, संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत तथा सीमावर्ती क्षेत्र के स्थानीय जन के जीविकोपार्जन के साधनों में आवश्यक हस्तक्षेप करना तथा वैकल्पिक संसाधन उपलब्ध कराकर संरक्षित क्षेत्र में संसाधन सुरक्षित करना है।
डीडी नवीन खंडेलवाल ने कहा कि मौजूदा समय में मुस्तफाबाद चाैडाखेड़ा, पुराना तालुका महाराजपुर, सेल्हा, महाराजपुर, मटिया लालपुर टांडा छत्रपति में समिति का गठन किया जा चुका है। उन्होंने समितियां के माध्यम से स्थानीय स्तर पर जनमानस के रोजगार परक एवं जीविकोपार्जन के क्षेत्र में संचालित कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने मानव वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए सहयोग बढ़ाने की संभावना भी जताई।
एसडीओ माला दिलीप कुमार तिवारी ने भी समितियां के कार्यों की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यशाला में एसडीओ पूरनपुर मयंक पांडे, रेंजर वजीर हसन, रोबिन सिंह, अरुण मोहन श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह रावत, लल्लन स्वरूप दीक्षित, शाहिद अहमद, मोहम्मद आरिफ, दिनेश गिरी, राम भरत यादव, सुरेंद्र गौतम, शंकर सिंह, मोहित सिंह, ख्यालीराम, प्रमोद कुमार, शाहिद आदि मौजूद रहे।